भारत की GDP वृद्धि दर घटकर 7.8% पर आई, लगातार चौथी तिमाही में सुस्ती
भारतीय अर्थव्यवस्था ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में 7.8 प्रतिशत की दर से वृद्धि दर्ज की है। हालांकि यह आंकड़ा भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के 8 प्रतिशत के अनुमान से कम रहा, लेकिन ज्यादातर विश्लेषकों के 7 से 7.5 प्रतिशत के अनुमान से बेहतर है। नाममात्र (नॉमिनल) GDP वृद्धि दर 10.3 प्रतिशत रही।
चार तिमाहियों से लगातार धीमी हो रही ग्रोथ
गौरतलब है कि यह लगातार चौथी तिमाही है जब भारत की आर्थिक वृद्धि दर में सुस्ती देखी गई है। इससे पहले की तीन तिमाहियों में क्रमशः 8.2, 8 और 8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई थी, जिससे विशेषज्ञों में चिंता बढ़ी है कि मजबूत नाममात्र आंकड़ों के बावजूद वास्तविक वृद्धि की रफ्तार धीमी पड़ रही है।
किस सेक्टर ने कैसा प्रदर्शन किया
सेक्टर के हिसाब से देखें तो कृषि क्षेत्र ने 3.6 प्रतिशत, औद्योगिक (सेकेंडरी) क्षेत्र ने 8.6 प्रतिशत और सेवा (टर्शियरी) क्षेत्र ने 10 प्रतिशत की वृद्धि दिखाई। खास बात यह रही कि IT और प्रोफेशनल सेवाओं ने 12.1 प्रतिशत की शानदार बढ़त हासिल की, जो पूरे आंकड़े को संभालने में अहम रही।
सरकार और RBI की राय
सरकारी अधिकारियों का कहना है कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद अर्थव्यवस्था ने अपनी वृद्धि की रफ्तार बनाए रखी है। वहीं भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने चालू तिमाही के लिए वृद्धि दर 6.4 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है, जो आगे और सुस्ती का संकेत देता है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भरोसा जताया है कि वित्त वर्ष के दौरान भारत 7 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर बनाए रखेगा, हालांकि विश्लेषकों का मानना है कि आने वाली तिमाहियां इस दिशा में अहम साबित होंगी।


