BRICS समिट 2026: दिल्ली में क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट और डिजिटल करेंसी पर होगी अहम चर्चा
भारत की राजधानी नई दिल्ली 12 और 13 सितंबर 2026 को BRICS समिट की मेजबानी करने जा रही है। यह आयोजन इस वैश्विक समूह की स्थापना के 20 साल पूरे होने के मौके पर हो रहा है और इसे लेकर तैयारियां जोरों पर हैं।
क्यों खास है यह समिट
इस समिट में व्यापार और अर्थव्यवस्था से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। भारत सदस्य देशों के बीच कारोबार को आसान बनाने के लिए कई वित्तीय पहलों पर जोर दे रहा है। इनमें सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) को आपस में जोड़ने, अलग-अलग देशों के मौजूदा पेमेंट सिस्टम के बीच तालमेल बढ़ाने और पश्चिमी देशों पर निर्भरता कम करने के लिए स्थानीय मुद्राओं में व्यापार निपटान को बढ़ावा देने जैसे प्रस्ताव शामिल हैं।
सस्ता क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट पर खास जोर
भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा है कि सीमा-पार लेनदेन यानी क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट की लागत घटाना सभी सदस्य देशों की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि इस दिशा में तेज और सस्ते लेनदेन के लिए नए तंत्र पर चर्चा हो रही है।
व्यापार से जुड़े अन्य बड़े प्रस्ताव
समिट में व्यापार को गति देने और सीमाओं को मजबूत करने के लिए एक कस्टम्स सहयोग समझौते पर भी विचार होगा। साथ ही 2026-30 के लिए एक एक्शन प्लान के जरिये वैश्विक वैल्यू चेन को मजबूत करने और 11 सदस्य देशों के बीच संतुलित व्यापार सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया जाएगा। विशेषज्ञों का कहना है कि इन प्रस्तावों का मकसद दक्षता बढ़ाना है, न कि किसी खास देश के खिलाफ रणनीति बनाना।


