खादी ग्रामोद्योग विकास योजना: कारीगरों को मार्केटिंग सहायता और 4% ब्याज पर लोन
खादी एवं ग्रामोद्योग विकास योजना खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) द्वारा संचालित एक प्रमुख योजना है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन, खादी कारीगरों की आय बढ़ाना और पारंपरिक ग्रामोद्योग उत्पादों (हस्तनिर्मित कागज, ग्रामोद्योग साबुन, शहद, चमड़ा उत्पाद आदि) को बढ़ावा देना है।
मुख्य लाभ
- Modified Interest Subsidy Eligibility Certificate (MISEC) योजना के तहत खादी संस्थाओं को कार्यशील पूंजी ऋण पर ब्याज दर घटाकर करीब 4% तक लाई जाती है, शेष ब्याज भार KVIC वहन करता है
- कारीगरों को मार्केट डेवलपमेंट असिस्टेंस (MDA) – बिक्री मूल्य पर निश्चित प्रतिशत सहायता, जिसका बड़ा हिस्सा सीधे कारीगर को मिलता है
- न्यू खादी विकास एवं रिफॉर्म कार्यक्रम के तहत आधुनिक चरखे व करघे उपलब्ध कराना
- कारीगरों के लिए स्वास्थ्य बीमा व कल्याण योजनाएं
पात्रता
- KVIC/राज्य खादी बोर्ड से मान्यता प्राप्त खादी संस्था या पंजीकृत कारीगर
- ग्रामोद्योग इकाइयों के लिए Udyam रजिस्ट्रेशन
- ब्याज सबवेंशन के लिए बैंक से कार्यशील पूंजी ऋण स्वीकृत होना आवश्यक
आवश्यक दस्तावेज
- KVIC/राज्य खादी बोर्ड पंजीकरण प्रमाणपत्र
- आधार कार्ड व बैंक पासबुक
- बिक्री/उत्पादन रिकॉर्ड (MDA दावे के लिए)
- बैंक ऋण स्वीकृति पत्र (ब्याज सबवेंशन के लिए)
आवेदन कैसे करें
आवेदन नजदीकी KVIC राज्य/मंडल कार्यालय या मान्यता प्राप्त खादी संस्था के माध्यम से किया जाता है। MDA दावे संबंधित खादी संस्था द्वारा KVIC पोर्टल के जरिए ऑनलाइन दाखिल किए जाते हैं।
अधिकृत स्रोत
खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (KVIC), MSME मंत्रालय – kvic.gov.in
अधिक जानकारी व सेवाओं के लिए संपर्क करें
इस योजना से जुड़ी अधिक जानकारी या संबंधित सेवाओं (जैसे आवेदन प्रक्रिया में सहायता, दस्तावेज तैयार करना, पात्रता जांच आदि) के लिए RINSON COMMERCE AND TRADE PRIVATE LIMITED से संपर्क करें।
फोन/मोबाइल: +91 7798186956
ईमेल: rinsonbusiness@gmail.com
वेबसाइट: rinsonbusiness.com


