MSME कॉम्पिटिटिव (LEAN) स्कीम: प्रोडक्टिविटी बढ़ाने के लिए कंसल्टेंसी लागत पर 90% सहायता
MSME इनोवेटिव स्कीम MSME मंत्रालय की योजना है, जो नवाचार (Innovation), डिजाइन (Design) व बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR) – तीन घटकों के माध्यम से MSME व स्टार्टअप्स को नए विचारों को व्यवसाय में बदलने और उनकी सुरक्षा करने में सहायता करती है।
घटक व मुख्य लाभ
- इनक्यूबेशन: चुने गए नवाचारी विचार (idea) को प्रोटोटाइप तक विकसित करने के लिए प्रति विचार अधिकतम ₹15 लाख तक की सहायता; होस्ट इंस्टीट्यूट (इनक्यूबेटर) को अवसंरचना विकास हेतु अलग से अनुदान
- डिजाइन: उद्योग-संस्थान भागीदारी वाली डिजाइन परियोजनाओं के लिए अधिकतम ₹40 लाख तक व छात्र डिजाइन प्रोजेक्ट के लिए अलग सीमा में सहायता, जिससे उत्पाद की गुणवत्ता व बाजार अपील बढ़ती है
- IPR: घरेलू पेटेंट फाइलिंग खर्च पर 75% तक की प्रतिपूर्ति, विदेशी पेटेंट, ट्रेडमार्क व जियोग्राफिकल इंडिकेशन (GI) पंजीकरण के लिए भी सहायता
पात्रता
- Udyam पोर्टल पर पंजीकृत MSME, स्टार्टअप या व्यक्तिगत नवाचारकर्ता (इनक्यूबेशन के लिए)
- वैध व मौलिक नवाचारी विचार/डिजाइन प्रोजेक्ट का विवरण प्रस्तुत करना आवश्यक
- IPR सहायता के लिए भारतीय पेटेंट कार्यालय में आवेदन दाखिल होना/होने वाला होना जरूरी
आवेदन कैसे करें
इनक्यूबेशन व डिजाइन घटकों के लिए आवेदन MSME इनोवेटिव पोर्टल msmeinnovative.dcmsme.gov.in के माध्यम से मान्यता प्राप्त इनक्यूबेटर/डिजाइन संस्थान द्वारा किया जाता है, जबकि IPR प्रतिपूर्ति के लिए पेटेंट/ट्रेडमार्क फाइलिंग के बाद संबंधित दस्तावेजों के साथ दावा प्रस्तुत किया जाता है।
अधिकृत स्रोत
MSME मंत्रालय, भारत सरकार – msmeinnovative.dcmsme.gov.in
अधिक जानकारी व सेवाओं के लिए संपर्क करें
इस योजना से जुड़ी अधिक जानकारी या संबंधित सेवाओं (जैसे आवेदन प्रक्रिया में सहायता, दस्तावेज तैयार करना, पात्रता जांच आदि) के लिए RINSON COMMERCE AND TRADE PRIVATE LIMITED से संपर्क करें।
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