Home / Uncategorized
Uncategorized

गोबरधन योजना 2026: पूरी जानकारी, पात्रता, सब्सिडी और ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया

September 1, 2026 · rinsonbusiness@gmail.com
गोबरधन योजना 2026: पूरी जानकारी, पात्रता, सब्सिडी और ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया

गोबरधन योजना क्या है?

गोबरधन योजना (GOBARdhan Yojana) भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका उद्देश्य गाय-भैंस के गोबर, कृषि अवशेष (पराली), प्रेस मड और गीले नगरीय कचरे जैसे जैविक कचरे को बायोगैस, कम्प्रेस्ड बायोगैस (CBG) और जैविक खाद में बदलना है। “गोबरधन” शब्द का पूरा अर्थ है — Galvanizing Organic Bio-Agro Resources Dhan, यानी जैविक कचरे को धन (संसाधन) में बदलना।

इस योजना की शुरुआत अप्रैल 2018 में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के “सॉलिड एंड लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट” घटक के तहत हुई थी। हाल ही में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 6 अगस्त 2026 को गोबरधन योजना को एक बड़े और विस्तारित रूप में मंजूरी दी है, जिसे अब “नेशनल सर्कुलर बायोएनर्जी स्कीम” के रूप में वित्त वर्ष 2026-27 से 2035-36 तक, यानी अगले 10 वर्षों के लिए लागू किया जाएगा।

योजना का उद्देश्य

गोबरधन योजना के मुख्य उद्देश्य इस प्रकार हैं:

संबंधित मंत्रालय

यह योजना संयुक्त रूप से दो मंत्रालयों द्वारा संचालित की जाती है:

योजना के चार मॉडल

गोबरधन योजना के अंतर्गत लाभार्थियों की जरूरत के अनुसार चार अलग-अलग मॉडल तय किए गए हैं:

  1. व्यक्तिगत घरेलू मॉडल (Individual Household Model) — ग्राम पंचायत द्वारा मान्यता प्राप्त एकल परिवार।
  2. क्लस्टर मॉडल (Cluster Model) — 3-4 पशुओं वाले परिवारों के समूह, सहकारी समितियां, FPO, दूध संघ या स्वयं सहायता समूह (SHG)।
  3. कम्युनिटी मॉडल (Community Model) — ग्राम पंचायत स्तर पर संचालित सामुदायिक संयंत्र।
  4. कमर्शियल मॉडल (Commercial Model) — सहकारी संस्थाएं, उद्यमी, डेयरी और गौशालाएं।

पात्रता (Eligibility)

निम्नलिखित व्यक्ति और संस्थाएं गोबरधन योजना के लिए आवेदन कर सकती हैं:

वित्तीय सहायता और सब्सिडी

सरकार ने योजना को आकर्षक बनाने के लिए कई तरह की वित्तीय सहायता तय की है:

योजना के प्रमुख लाभ

रजिस्ट्रेशन कैसे करें? (Online Registration Process)

गोबरधन योजना के तहत पंजीकरण पूरी तरह ऑनलाइन और नि:शुल्क है। इसके लिए दो अलग-अलग पोर्टल तय किए गए हैं:

रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया इस प्रकार है:

  1. संबंधित पोर्टल पर जाएं और न्यूनतम प्लांट साइज़ (बायोगैस के लिए 10 क्यूबिक मीटर/दिन) की जानकारी देखें।
  2. प्लांट की जानकारी भरें — स्थान, क्षमता और कच्चे माल (feedstock) का प्रकार।
  3. पहचान और व्यावसायिक जानकारी दें — व्यक्तिगत आवेदकों के लिए आधार, संस्थाओं के लिए CIN/PAN/GST।
  4. आवेदन सबमिट करें और भविष्य के दावों (claims) के लिए रजिस्ट्रेशन नंबर सुरक्षित रखें।

आवश्यक दस्तावेज़

व्यक्तिगत आवेदकों के लिए:

कंपनियों/सहकारी संस्थाओं के लिए:

वर्तमान स्थिति (Current Status)

निष्कर्ष

गोबरधन योजना ग्रामीण भारत के लिए एक “वेस्ट टू वेल्थ” (कचरे से कमाई) मॉडल है, जो न केवल स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देती है, बल्कि किसानों, गौशालाओं, स्वयं सहायता समूहों और उद्यमियों के लिए अतिरिक्त आय का जरिया भी बनती है। जो किसान, ग्राम पंचायत या संस्था अपनी जमीन पर बायोगैस या CBG प्लांट लगाना चाहती है, वह ऊपर बताए गए पोर्टल पर जाकर नि:शुल्क रजिस्ट्रेशन कर सकती है और सरकार से पूंजीगत सहायता व अन्य लाभ प्राप्त कर सकती है।

नोट: योजना से जुड़ी शर्तें, सब्सिडी दरें और पोर्टल की जानकारी समय-समय पर अपडेट होती रहती है। नवीनतम जानकारी के लिए संबंधित सरकारी पोर्टल जरूर देखें।

MIDC Industrial Plot Complete Guide E-Book Mahilansathi Pramukh Sarkari Yojana E-Book