Share Market Crash 8 October 2026: सेंसेक्स 701 अंक टूटा, निफ्टी 22,307 पर बंद, ₹7 लाख करोड़ स्वाहा
Share Market Crash 8 October 2026: रिजर्व बैंक की दर वृद्धि के अगले दिन गुरुवार 8 अक्टूबर को भारतीय शेयर बाजार में तेज बिकवाली देखने को मिली। यूनिवेस्ट की रिपोर्ट के अनुसार सेंसेक्स 701.51 अंक (0.97%) गिरकर 71,937.19 पर और निफ्टी 295.60 अंक (1.31%) टूटकर 22,307.45 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में बीएसई की सूचीबद्ध कंपनियों का बाजार पूँजीकरण करीब ₹7 लाख करोड़ घटकर लगभग ₹470 लाख करोड़ पर आ गया था। इसी दिन कुछ अन्य रिपोर्टों में कारोबार के दौरान सेंसेक्स में इससे भी बड़ी गिरावट का उल्लेख है।
गिरावट के पाँच बड़े कारण
पहला कारण रिजर्व बैंक का फैसला है। केंद्रीय बैंक ने रेपो दर बढ़ाई और रुख को तटस्थ से “कैलिब्रेटेड टाइटनिंग” किया। यह लगभग चार साल में पहली वृद्धि थी। जेफरीज को इस चक्र में कुल करीब 100 आधार अंक की वृद्धि की संभावना दिखती है, जबकि नोमुरा ने इस कदम को चौंकाने वाला बताया। निवेशकों को आशंका हुई कि ऊँची दरें कंपनियों की कमाई और मांग पर असर डालेंगी।
दूसरा कारण विदेशी निवेशकों की बिकवाली है। 7 अक्टूबर को एफआईआई ने ₹6,121 करोड़ के शेयर बेचे। तीसरा कारण कच्चा तेल है, जहाँ ब्रेंट होर्मुज जलडमरूमध्य के पास टैंकरों पर हमलों के बाद $101 के आसपास कारोबार करता रहा। चौथा कारण महँगाई है: रिजर्व बैंक ने वित्त वर्ष के लिए सीपीआई महँगाई 5.2% और तीसरी तिमाही में लगभग 6.0% रहने का अनुमान बताया। पाँचवाँ कारण वैश्विक बॉन्ड यील्ड है, जहाँ अमेरिका की 10 साल की यील्ड 5.36% तक पहुँची और फेड की बैठक के मिनट्स ने एक और दर वृद्धि की जरूरत की ओर इशारा किया।
कौन से क्षेत्र सबसे ज्यादा गिरे
धातु शेयर करीब 3% गिरे, जबकि रियल्टी और तेल-गैस सेक्टर में लगभग 2% की गिरावट रही। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयर 2% तक कमजोर हुए। बाजार चौड़ाई भी कमजोर रही: एनएसई पर 2,645 शेयर गिरे जबकि केवल 693 बढ़े। यानी गिरावट व्यापक थी और केवल कुछ चुनिंदा शेयरों तक सीमित नहीं रही।
दिग्गज शेयरों में आईटीसी, अदाणी पोर्ट्स, इंडिगो, पावर ग्रिड और रिलायंस इंडस्ट्रीज 4% तक गिरे। केवल आईटी शेयरों और टाइटन में तेजी रही, जो 2% तक चढ़े। गेनर्स में टाइटन, टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, टीसीएस और इंफोसिस शामिल रहे। आईटी में तेजी का कारण टीसीएस के नतीजे और रुपये की कमजोरी से डॉलर आय का फायदा माना गया।
क्या यह बाजार “क्रैश” है
रिपोर्ट के अनुसार लगभग 1% की गिरावट को तेज करेक्शन कहा जा सकता है, लेकिन ऐतिहासिक क्रैश नहीं। बाजार पहले ही एक लंबी गिरावट से गुजर चुका है, जिसमें 1 अक्टूबर को सेंसेक्स 71,909 पर था और फिर 5 अक्टूबर को आठ दिन की गिरावट थमी थी। ऐसे में 8 अक्टूबर की गिरावट आधी राहत रैली को वापस ले गई। बाजार विश्लेषक इसे उतार-चढ़ाव भरे दौर का हिस्सा मानते हैं, जहाँ खबरें और नीतिगत घोषणाएँ तेज झटके पैदा करती हैं।
निवेशकों के लिए क्या करना चाहिए
सबसे पहले घबराहट में निवेश बेचने से बचें। इतिहास बताता है कि दर वृद्धि के दौर में बाजार अस्थिर रहता है, पर मजबूत कंपनियाँ लंबे समय में उबरती हैं। अपने पोर्टफोलियो में ब्याज-संवेदी क्षेत्रों, जैसे रियल्टी, बैंक और ऑटो, का अनुपात देखें और ऋण पर आधारित निवेश कम करें। एसआईपी जारी रखना गिरावट के दौर में औसत लागत घटाने का अच्छा तरीका है।
दूसरे, आपातकालीन निधि को शेयर बाजार से अलग रखें और केवल वही पैसा लगाएँ जिसकी जरूरत अगले कुछ वर्षों में न पड़े। तीसरे, अफवाहों, टिप्स और सोशल मीडिया की “गारंटीड रिटर्न” वाली सलाह से दूर रहें। चौथे, आगे के बड़े आयोजनों, जैसे एचसीएलटेक और विप्रो के नतीजे, अमेरिकी महँगाई आँकड़े और भारत के सीपीआई आँकड़े, पर नजर रखें क्योंकि ये बाजार की दिशा तय करेंगे।
अगले कुछ दिनों के संकेत
तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार निफ्टी के लिए 22,200-22,217 का क्षेत्र महत्वपूर्ण समर्थन माना जा रहा है, जबकि 22,600-22,650 पर प्रतिरोध है। यदि निफ्टी निर्णायक रूप से 22,200 के नीचे बंद होता है तो गिरावट आगे बढ़ सकती है, और ऊपर की ओर प्रतिरोध पार होने पर राहत मिल सकती है। ये स्तर संभावित मार्गदर्शक हैं और बदल सकते हैं।
गिरावट के दौर में निवेशक की रणनीति
बाजार में तेज गिरावट के दिन अक्सर डर का माहौल बनाते हैं, पर इतिहास बताता है कि बाजार उतार-चढ़ाव के चक्रों से गुजरता रहता है। जिन निवेशकों का पोर्टफोलियो विविध होता है और जो लंबी अवधि के लक्ष्य रखते हैं, वे ऐसे दौर को बेहतर ढंग से झेल पाते हैं। घबराहट में बिकवाली से नुकसान स्थायी हो सकता है।
सुरक्षित निवेश के सामान्य सिद्धांत
आपातकालीन निधि अलग रखें, कर्ज लेकर निवेश से बचें और एसेट एलोकेशन को अपने लक्ष्य के अनुसार संतुलित रखें। गिरावट में नियमित एसआईपी जारी रखना कई निवेशकों के लिए औसत लागत घटाने में मददगार रहा है। निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श करें।
स्रोत: यूनिवेस्ट (8 अक्टूबर 2026 का बाजार विश्लेषण) एवं अन्य बाजार रिपोर्ट। आँकड़ों में अंतर संभव है क्योंकि कुछ आँकड़े दिन के दौरान और कुछ बंद के हैं। यह लेख निवेश सलाह नहीं है।


