चंद्रपुर में सूखा राहत कार्य की योजना: मजदूरों को रोजगार देने का लक्ष्य
पुढारी की 16 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार चंद्रपुर जिले में प्रशासन सूखा राहत कार्यों की योजना बना रहा है। लक्ष्य है कि सूखे से प्रभावित मजदूरों को काम मिले और ग्रामीण परिवारों की आमदनी बनी रहे।
कैसे मिलता है काम?
सूखे के दौर में आमतौर पर महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत जल संधारण, तालाब गहरीकरण, सड़क और अन्य सार्वजनिक कार्य शुरू किए जाते हैं। जॉब कार्ड धारक ग्राम पंचायत में काम की मांग लिखित में दे सकते हैं।
सूखे का संदर्भ
राज्य सरकार ने 305 तालुकों में सूखा घोषित किया है और घोडाझरी तालाब जैसे जलाशयों का स्तर तेजी से गिर रहा है। इसलिए जल संरक्षण कार्य और रोजगार दोनों की जरूरत बढ़ी है।
मजदूर क्या करें?
अपने जॉब कार्ड का नवीनीकरण और बैंक खाते का आधार लिंक सुनिश्चित करें। काम की मांग का आवेदन ग्राम पंचायत में दें और रसीद लें।
सूखे में रोजगार की जरूरत
सूखे से सबसे अधिक प्रभावित भूमिहीन मजदूर और छोटे किसान होते हैं, क्योंकि खेती का काम कम होने से उनकी मजदूरी घट जाती है। ऐसे में सरकार आमतौर पर सार्वजनिक कार्यों के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराती है। पुढारी की 16 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार चंद्रपुर जिले में सूखा राहत कार्यों की योजना बनाई जा रही है ताकि मजदूरों को रोजगार मिल सके।
मनरेगा के तहत काम की मांग कैसे करें
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना में ग्रामीण परिवार के वयस्क सदस्य को काम मांगने का कानूनी अधिकार है। इसके लिए ग्राम पंचायत में जॉब कार्ड के लिए आवेदन करें और काम की मांग लिखित में दें। आवेदन की रसीद लें। कानून के अनुसार मांग के बाद निर्धारित समय में काम देना होता है, अन्यथा बेरोजगारी भत्ते का प्रावधान है। मजदूरी का भुगतान सीधे बैंक खाते में होता है।
किस तरह के काम होते हैं
जल संधारण, तालाब और नाला गहरीकरण, वृक्षारोपण, सड़क निर्माण, खेत तालाब और कुएं की मरम्मत जैसे कार्य सूखे के समय कराए जाते हैं। इनसे अस्थायी रोजगार के साथ-साथ दीर्घकालिक संपत्तियां भी बनती हैं और जलस्तर सुधारने में सहायता मिलती है। इस संदर्भ में चंद्रपुर में 50 ग्राम पंचायतों में स्वस्तिक पैटर्न के वृक्षारोपण का अभियान भी शुरू हुआ है।
सूखे का व्यापक संदर्भ
महाराष्ट्र सरकार ने 305 तालुकों में सूखा घोषित किया है। पात्र किसानों को दिवाली से पहले ₹5,000 की सहायता की घोषणा हुई है। टैंकरों की संख्या बढ़ाई जा रही है और GPS से निगरानी की बात है। घोडाझरी तालाब जैसे जलाशयों का स्तर तेजी से गिरा है, जिससे जल संरक्षण कार्य की आवश्यकता बढ़ी है।
मजदूरों के अन्य अधिकार
काम की जगह पर पीने का पानी, छाया और प्राथमिक चिकित्सा जैसी सुविधाएं मिलनी चाहिए। महिलाओं को समान मजदूरी और बच्चों की देखभाल की व्यवस्था का अधिकार है। शिकायत के लिए ग्राम रोजगार सेवक, पंचायत समिति या जिला कार्यक्रम समन्वयक से संपर्क करें।
प्रशासन से अपेक्षा
कार्य की सूची सार्वजनिक की जाए, भुगतान समय पर हो और भ्रष्टाचार की शिकायत पर कार्रवाई हो। पारदर्शिता से योजना का लाभ वास्तविक पात्र लोगों तक पहुंचता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
काम कैसे मिलेगा? जॉब कार्ड बनवाकर ग्राम पंचायत में काम की मांग दें।
भुगतान कैसे? बैंक खाते में।
कौन पात्र? ग्रामीण परिवार के वयस्क सदस्य जो अकुशल शारीरिक कार्य करने के इच्छुक हों।
स्रोत: पुढारी न्यूज़ चंद्रपुर (16 अक्टूबर 2026)।


