फडणवीस: सूखाग्रस्त किसानों को ₹5,000 की अग्रिम सहायता दी, दिवाली से पहले खातों में पहुंचेगी रकम
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 17 अक्टूबर 2026 को वर्धा में पत्रकारों से कहा कि सूखाग्रस्त किसानों को कम से कम ₹5,000 की अग्रिम आर्थिक सहायता दी गई है। उन्होंने इसे अभूतपूर्व राहत बताया और कहा कि बाकी मुआवजा बाद में दिया जाएगा। एएनआई के अनुसार रकम दिवाली से पहले खातों में पहुंचनी चाहिए।
कितने तालुके, क्या राशि?
राज्य ने 305 तालुकों में सूखा घोषित किया है, जो पहले 265 था। मुख्यमंत्री ने कहा कि सामान्य रूप से सहायता दिसंबर में मिलती है, लेकिन इस बार जल्दी राहत देने के लिए सूखा पहले घोषित किया गया। उन्होंने माना कि ₹5,000 से किसानों के पूरे नुकसान की भरपाई नहीं हो सकती, लेकिन यह तुरंत सहारा देगा। कर्जमाफी की रकम भी खातों में जमा की जा रही है।
विपक्ष और सहयोगियों की प्रतिक्रिया
16 अक्टूबर को राज्य में कुछ नेताओं ने राशि को अपर्याप्त बताया। रिपोर्ट के अनुसार एनसीपी के सुनील तटकरे ने इसे कम बताया, शिंदे सेना के विधायक नरेंद्र भोंडेकर ने पहली किस्त ₹10,000 से ₹15,000 करने की मांग की, जबकि मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने फैसला सुनेत्रा पवार की मौजूदगी में हुआ बताया।
किसान ध्यान रखें
पात्रता का आधार लेकर अधिकारिक GR और बैंक खाते का आधार लिंक होना जरूरी है। रकम के नाम पर किसी लिंक या ऑनलाइन फॉर्म पर निजी जानकारी न दें। किसान तहसील या कृषि कार्यालय से पुष्टि करें।
सूखा राहत के अलग-अलग चरण
सूखे की स्थिति में सरकार की राहत कई चरणों में दी जाती है। पहले आपात राहत जैसे पेयजल और चारे की व्यवस्था होती है। फिर फसल क्षति का आकलन और पंचनामा, उसके बाद मुआवजे का वितरण। इस बार महाराष्ट्र सरकार ने दिसंबर से पहले ही सूखा घोषित कर ₹5,000 की अग्रिम सहायता देने की बात कही है। मुख्यमंत्री ने 17 अक्टूबर को वर्धा में कहा कि यह राशि अग्रिम है और शेष मुआवजा बाद में दिया जाएगा।
तुलना और राजनीतिक बयानबाजी
एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार मुख्यमंत्री ने कर्नाटक का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां गंभीर सूखे के बावजूद केवल ₹2,500 दिए गए। उन्होंने यह भी तुलना की कि इस सहायता की आलोचना वैसी ही है जैसी लाड़की बहीण योजना के ₹1,500 की आलोचना होती थी। इसके साथ यह भी रिपोर्ट है कि सुप्रिया सुले ने इस सहायता की आलोचना की है। हम किसी राजनीतिक बयान का समर्थन या विरोध नहीं करते, केवल जानकारी दे रहे हैं।
विभिन्न नेताओं की मांगें
16 अक्टूबर को राज्य के कई नेताओं ने कहा कि ₹5,000 कम है। कुछ ने पहली किस्त ₹10,000 से ₹15,000 करने की मांग की। कुछ ने पशुधन और चारे के लिए अलग सहायता की मांग की। जालना में पालक मंत्री ने सूखे की समीक्षा की और अहिल्यानगर में किसानों ने चारे और पानी की मांग को लेकर राजमार्ग जाम किया। ये घटनाएं बताती हैं कि राहत की मांग अलग-अलग जिलों में बनी हुई है।
राहत कब और कैसे मिलेगी
घोषणा के अनुसार रकम दिवाली से पहले खातों में जमा होनी चाहिए। पात्रता और वितरण की सटीक प्रक्रिया GR में स्पष्ट होगी। किसान बैंक खाते में आधार लिंक और केवाईसी पूरी रखें और तहसील कार्यालय में सूची की जांच करें।
कर्जमाफी और अन्य ऋण राहतें
रिपोर्ट के अनुसार कर्जमाफी की रकम भी किसानों के खातों में डाली जा रही है। किसान अपने बैंक से जानकारी लें कि उनके खाते में कौन सी राशि किस योजना के अंतर्गत आई है। बैंक पासबुक अपडेट कराएं और SMS अलर्ट चालू रखें।
सतर्कता
सहायता के नाम पर धोखाधड़ी की आशंका रहती है। कोई भी व्यक्ति पैसे देकर सूची में नाम जुड़वाने का दावा करे तो विश्वास न करें। आपके खाते की जानकारी, आधार या OTP मांगने वाले फोन को नजरअंदाज करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
सहायता राशि कितनी है? कम से कम ₹5,000, बाकी बाद में।
कितने तालुकों में सूखा? 305 तालुकों में।
कब मिलेगी? दिवाली से पहले की घोषणा है।
स्रोत: एएनआई (17 अक्टूबर 2026), टीवी9 मराठी लाइव ब्लॉग (16 अक्टूबर 2026)।


