गडचिरोली के चुरचुरा में जंगली हाथियों ने धान की फसल रौंदी, किसानों ने पंचनामे की मांग की
गडचिरोली जिले के चुरचुरा क्षेत्र में गुरुवार की रात जंगली हाथियों के झुंड ने खेतों में घुसकर धान की फसल को नुकसान पहुंचाया। वीएनएक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार किसानों ने नुकसान का सर्वे कराने और पंचनामा करने की मांग की है।
सूखे के साथ अब हाथियों का संकट
पहले से कम बारिश और सूखे की मार झेल रहे किसानों के लिए यह दोहरा झटका है। गडचिरोली जिले के उत्तरी इलाके में हाथियों की आवाजाही के कारण फसल क्षति की शिकायतें आती रहती हैं।
किसान क्या करें?
फसल नुकसान की सूचना तुरंत वन विभाग, ग्राम पंचायत और तलाठी को लिखित में दें। नुकसान की तस्वीरें और खेत का सर्वे नंबर साथ रखें। वन्यजीवों से हुए नुकसान का मुआवजा निर्धारित प्रक्रिया से मिलता है, इसलिए समय पर आवेदन जरूरी है। रात में हाथियों के आने की सूचना मिलने पर खेत की ओर जाने से बचें और वन विभाग की हेल्पलाइन से संपर्क करें।
गडचिरोली में जंगली हाथियों का आगमन
वीएनएक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार गडचिरोली के चुरचुरा क्षेत्र में गुरुवार रात जंगली हाथियों ने खेतों में घुसकर धान की फसल को नुकसान पहुंचाया। किसानों ने नुकसान का सर्वे और पंचनामा करने की मांग की है। हाल के वर्षों में गडचिरोली और आसपास के जिलों में हाथियों के विचरण की खबरें आती रही हैं। इससे किसानों को फसल, भंडारित अनाज और कभी-कभी जान-माल का भी खतरा रहता है।
किसानों की परेशानी
धान की कटाई के समय हाथियों का हमला किसान के पूरे साल की मेहनत पर पानी फेर देता है। इस साल सूखे का असर पहले से है, इसलिए नुकसान और भारी पड़ता है। 16 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार जिले के केवल दो तालुके सूखाग्रस्त सूची में हैं और नेताओं ने पूरे जिले को घोषित करने की मांग की है।
नुकसान की भरपाई: प्रक्रिया
वन्यजीवों से फसल नुकसान होने पर किसान को वन विभाग को लिखित सूचना देनी होती है। इसके बाद वन विभाग और राजस्व विभाग की टीम नुकसान का पंचनामा करती है। मुआवजे की राशि और नियम राज्य सरकार के आदेशों के अनुसार तय होते हैं। किसान घटना की तारीख, खेत का सर्वे नंबर, नुकसान का क्षेत्रफल और फोटो साक्ष्य साथ रखें। बैंक खाता आधार से लिंक होना चाहिए।
खेतों की रक्षा के सामान्य उपाय
किसान समूह बनाकर रात में निगरानी रखें, खेतों के किनारे तेज रोशनी और शोर वाले साधन का उपयोग करें और वन विभाग की सूचना पर तुरंत प्रतिक्रिया दें। हाथी बहुत शक्तिशाली होते हैं, इसलिए उन्हें भगाने के लिए खुद आगे न जाएं। मिर्च की रस्सी या अन्य जैविक उपाय कुछ क्षेत्रों में उपयोगी साबित हुए हैं, पर पहले वन विभाग की सलाह लें। दूरी बनाए रखें और स्थिति में खतरा हो तो खेत में न जाएं।
वन विभाग की भूमिका
वन विभाग हाथियों की आवाजाही पर नजर रखता है, गश्ती दल लगाता है और किसानों को चेतावनी भेजता है। गांव में अलर्ट सिस्टम, व्हाट्सएप समूह और रैपिड रिस्पांस टीम से संघर्ष घटाया जा सकता है।
आम नागरिकों के लिए
जंगल के पास के गांवों में रात में घर से बाहर कम निकलें। बच्चों और पशुओं को सुरक्षित रखें। हाथियों को देखने के लिए भीड़ न लगाएं और उन्हें भड़काएं नहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
घटना कहां हुई? चुरचुरा क्षेत्र, गडचिरोली।
किसानों की मांग? नुकसान का सर्वे और पंचनामा।
किसे सूचना दें? वन विभाग, तलाठी और ग्राम पंचायत।
स्रोत: वीएनएक्सप्रेस गडचिरोली।


