Home / Business News
Business News

September 2026 Car Sales: मारुति 1,68,744 पर पहली, टाटा महिंद्रा से सिर्फ 227 यूनिट आगे

October 2, 2026 · Prashant Mankar
September 2026 Car Sales: मारुति 1,68,744 पर पहली, टाटा महिंद्रा से सिर्फ 227 यूनिट आगे

September 2026 Car Sales: सितंबर 2026 में यात्री वाहन उद्योग में कुल थोक बिक्री लगभग 4.04 लाख इकाइयों के आसपास रही। ऑटोकार इंडिया के आँकड़ों के अनुसार शीर्ष पाँच कार निर्माताओं में से चार की बिक्री अगस्त के मुकाबले घटी, जबकि साल-दर-साल आधार पर उद्योग ने मजबूत बढ़त दर्ज की। मारुति सुजुकी लगातार पहले स्थान पर रही, जबकि दूसरे स्थान की लड़ाई टाटा और महिंद्रा के बीच बेहद करीबी रही।

कंपनीवार बिक्री के आँकड़े

मारुति सुजुकी ने सितंबर में 1,68,744 वाहन बेचे, जो पिछले साल इसी महीने के 1,32,820 के मुकाबले 27.05% ज्यादा है, पर अगस्त के 1,76,971 की तुलना में 4.65% कम है। टाटा मोटर्स ने 56,972 वाहन बेचे, जो साल-दर-साल 4.52% और मासिक आधार पर 12.69% की गिरावट है। महिंद्रा एंड महिंद्रा की बिक्री 56,745 रही, जो सालाना आधार पर 0.91% अधिक और अगस्त से 4.24% कम है। इस तरह टाटा महिंद्रा से केवल 227 इकाइयाँ आगे रही।

हुंडई मोटर इंडिया ने 49,998 वाहन बेचे, जो सालाना 3.01% और मासिक 8.09% कम है। किआ इंडिया शीर्ष कंपनियों में अकेली रही जिसने मासिक और सालाना दोनों आधार पर वृद्धि दर्ज की: 32,017 इकाइयाँ, अगस्त से 10.24% और पिछले सितंबर से 41.04% अधिक। टोयोटा किर्लोस्कर की बिक्री 27,652 रही (सालाना 2.08% अधिक, मासिक 2.67% कम)। एमजी की बिक्री 5,226 रही, जो मासिक आधार पर 30.39% और सालाना 22.32% कम है। रेनो ने 3,399 और निसान ने 2,960 वाहन बेचे।

उद्योग का कुल प्रदर्शन

तालिका में दिए गए आँकड़ों को जोड़ने पर सितंबर 2026 की कुल थोक बिक्री लगभग 4,03,713 इकाइयाँ बनती है। यह अगस्त की करीब 4,27,105 इकाइयों से लगभग 5.5% कम है, पर पिछले साल सितंबर की करीब 3,62,701 इकाइयों से लगभग 11.3% अधिक है। ये जोड़ ऑटोकार इंडिया की तालिका पर आधारित हमारी गणना हैं और लेख में कुल आँकड़े स्पष्ट रूप से नहीं दिए गए थे। मासिक गिरावट के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जैसे ग्राहकों का त्योहार से पहले खरीद टालना, डीलर स्तर पर स्टॉक का समायोजन और बढ़ती ब्याज दरों की आशंका।

नए मॉडल और त्योहारी तैयारी

कंपनियाँ त्योहारी सीजन के लिए नए मॉडल और वेरिएंट लेकर आई हैं। मारुति ने बलेनो फेसलिफ्ट और स्विफ्ट, बलेनो व डिजायर के सीएनजी एएमटी संस्करण पेश किए हैं और उसकी एसयूवी/एमपीवी बिक्री 78,911 इकाइयाँ रही। टाटा ने एरिस का लॉन्च किया है, जिसकी डिलीवरी 11 अक्टूबर से शुरू होगी, और कुछ इलेक्ट्रिक वाहनों के साथ बैटरी-एज़-ए-सर्विस का विकल्प बढ़ाया है। महिंद्रा अपडेटेड थार (डिलीवरी 11 अक्टूबर से) और एक्सयूवी 3एक्सओ के नए वेरिएंट लेकर आई है।

हुंडई अक्टूबर में बायोन के लॉन्च का संकेत दे रही है और क्रेटा, अल्काजार व क्रेटा इलेक्ट्रिक के लाउंज एडिशन उतार चुकी है। टोयोटा का अपडेटेड ग्लैंज़ा 14 अक्टूबर को आने की उम्मीद है, जबकि रेनो डस्टर हाइब्रिड 17 अक्टूबर को बाजार में उतारने की तैयारी में है। इसके अलावा निसान टेक्टॉन प्लेटफॉर्म पर आधारित सात-सीटर एसयूवी का परीक्षण कर रही है। ये सभी योजनाएँ संकेत देती हैं कि कंपनियाँ त्योहारी मांग को भुनाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

ग्राहक के लिए इसका क्या मतलब

ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी और कीमतों में वृद्धि की खबरों के बीच कार खरीदने वाले ग्राहकों को लोन की ब्याज दर, प्रोसेसिंग शुल्क और बीमा की लागत की तुलना कर लेनी चाहिए। रिपोर्ट के अनुसार मारुति, टाटा और हुंडई ने चुनिंदा मॉडलों के दाम बढ़ाने की घोषणा की है, इसलिए बुकिंग से पहले डीलर से वर्तमान एक्स-शोरूम कीमत और ऑफर की वैधता लिखित में लें। सीएनजी और हाइब्रिड विकल्प ईंधन खर्च घटाने में सहायक हो सकते हैं, जबकि इलेक्ट्रिक वाहनों के साथ बैटरी-एज़-ए-सर्विस प्रारंभिक कीमत घटाती है।

यह भी ध्यान रखें कि थोक बिक्री (वाहन निर्माता से डीलर तक) और खुदरा बिक्री (डीलर से ग्राहक तक) अलग आँकड़े होते हैं। थोक आँकड़े कंपनी की डिस्पैच दर्शाते हैं, जबकि असली मांग खुदरा पंजीकरण से पता चलती है। इसलिए त्योहारी महीनों के खुदरा आँकड़े, जो आगे आएँगे, उद्योग की असली सेहत बताएँगे।

आगे की उम्मीदें

उद्योग जगत नवरात्रि से दिवाली तक की अवधि को साल की सबसे अहम बिक्री अवधि मानता है। अगर महँगे कच्चे तेल और ब्याज दर वृद्धि का असर उपभोक्ता भावना पर सीमित रहा तो अक्टूबर में बिक्री में सुधार संभव है। फिलहाल टोयोटा सहित कई कंपनियाँ त्योहारी मांग को लेकर आशावादी हैं। आने वाले हफ्तों में नए लॉन्च, छूट और वित्तपोषण योजनाएँ ग्राहकों के लिए अवसर के साथ-साथ तुलना की जिम्मेदारी भी बढ़ाएँगी।

SUV बनाम हैचबैक: बदलता ग्राहक रुझान

कुल बिक्री में एसयूवी और एमपीवी की हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है। मारुति की ही एसयूवी/एमपीवी बिक्री 78,911 इकाइयाँ रही, यानी उसकी कुल बिक्री का लगभग 47% हिस्सा। यह बदलाव बताता है कि ग्राहक अब ऊँची सीटिंग, ज्यादा बूट स्पेस और बेहतर सड़क उपस्थिति वाले वाहन पसंद कर रहे हैं, भले ही उनकी कीमत हैचबैक से अधिक हो। इसीलिए हर कंपनी अपने पोर्टफोलियो में कॉम्पैक्ट एसयूवी और तीन-पंक्ति वाले वाहनों पर जोर दे रही है।

सीएनजी और स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड तकनीक का महत्व भी बढ़ा है। ऊँचे कच्चे तेल और पेट्रोल की कीमतों की चिंता के बीच ग्राहक चलाने की लागत घटाने वाले विकल्प खोज रहे हैं। मारुति, किआ और टोयोटा द्वारा सीएनजी वेरिएंट पर जोर इसी रुझान का हिस्सा है। इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर झुकाव धीरे-धीरे बढ़ रहा है, और बैटरी-एज़-ए-सर्विस जैसे मॉडल प्रारंभिक कीमत घटाकर नए ग्राहकों को आकर्षित करने की कोशिश हैं।

छोटे कारोबारियों के लिए भी इस रुझान का अर्थ है। टैक्सी, कैब और मालवाहक सेगमेंट में सीएनजी वाहनों की मांग बनी रहती है, जबकि ऑटो पुर्जे और एक्सेसरी विक्रेताओं को नए मॉडलों के हिसाब से अपनी इन्वेंट्री योजना बनानी चाहिए।

स्रोत: ऑटोकार इंडिया की सितंबर 2026 कार बिक्री रिपोर्ट। कुल योग हमारी गणना है। यह लेख खरीद सलाह नहीं है।

📲
रोजच्या सरकारी योजना व बिझनेस अपडेट्स मोफत मिळवा!
आमच्या "उद्योग मार्गदर्शन" WhatsApp चॅनेलला जॉईन करा
चॅनेल जॉईन करा
MIDC Industrial Plot Complete Guide E-Book Mahilansathi Pramukh Sarkari Yojana E-Book