RBI ने Unified Fintech Forum को दी SRO मान्यता; डिजिटल वित्त में भरोसे पर जोर
11 सितंबर 2026 | बिज़नेस डेस्क
भारत में डिजिटल वित्तीय सेवाओं के बढ़ते इस्तेमाल के बीच उद्योग की जवाबदेही पर फिर जोर दिया गया है। 10 सितंबर को मुंबई में ग्लोबल फिनटेक फेस्ट के दौरान RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने Unified Fintech Forum को फिनटेक क्षेत्र के दूसरे स्वनियामक संगठन के रूप में मान्यता देने की घोषणा की। ETBFSI की रिपोर्ट के अनुसार, इससे पहले Fintech Association for Consumer Empowerment यानी FACE को यह मान्यता मिली थी।
घोषणा में किस बात पर जोर रहा?
गवर्नर के संबोधन में तकनीकी बदलाव के साथ भरोसा और वित्तीय समावेशन प्रमुख विषय रहे। संदेश यह था कि डिजिटल सेवाओं का विस्तार करते समय कंपनियों को अपने संचालन और जिम्मेदारी पर भी ध्यान देना होगा। केवल नई सुविधा शुरू करना पर्याप्त नहीं है; उसका उपयोग भरोसे के साथ हो सकना भी जरूरी है।
स्वनियमन को कैसे समझें?
सामान्य तौर पर स्वनियमन में किसी उद्योग के भागीदार अपने कामकाज के लिए साझा मानक और आचार व्यवहार विकसित करते हैं। इसे खेल के उदाहरण से समझ सकते हैं: खिलाड़ियों के बीच अनुशासन की व्यवस्था होने पर भी औपचारिक नियम और नियामक की भूमिका समाप्त नहीं होती। इसी तरह SRO को RBI का विकल्प मानना सही नहीं होगा।
ग्राहकों और छोटे कारोबारों के लिए संदर्भ
डिजिटल भुगतान या ऑनलाइन वित्तीय सेवा इस्तेमाल करने वाला व्यक्ति अक्सर सुविधा और गति देखता है। लेकिन सेवा की शर्तें किस तरह बताई जाती हैं, समस्या आने पर सहायता कैसे मिलती है और जिम्मेदारी किसकी है—ये सवाल भी उतने ही उपयोगी हैं। संपादकीय दृष्टि से इस घोषणा का महत्व उद्योग के विस्तार के साथ ऐसी प्रक्रियाओं पर बढ़ते ध्यान में है।
किसी संगठन को SRO मान्यता मिलना उसकी सदस्य कंपनियों के हर उत्पाद या निवेश पर सरकारी गारंटी का प्रमाण नहीं माना जाना चाहिए। इस खबर से किसी नई ग्राहक फीस, ब्याज दर या तत्काल लाभ की घोषणा भी नहीं निकलती।
स्रोत: ETBFSI की 10 सितंबर 2026 की रिपोर्ट। संदर्भ और व्याख्या: Rinson Business News.
Unified Fintech Forum को SRO मान्यता का महत्व
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने Unified Fintech Forum को फिनटेक क्षेत्र के लिए दूसरे स्व-नियामक संगठन (SRO-FT) के रूप में मान्यता दी है। इससे पहले भी एक अन्य संगठन को यह दर्जा मिल चुका है। SRO का मुख्य कार्य अपने सदस्य फिनटेक कंपनियों के लिए आचार संहिता (code of conduct), शिकायत निवारण तंत्र और उद्योग मानक तय करना है, ताकि RBI को सीधे नियंत्रण किए बिना भी क्षेत्र में अनुशासन बना रहे।
ग्राहक डेटा को लेकर RBI गवर्नर की सख्त हिदायत
इसी अवसर पर RBI गवर्नर ने फिनटेक कंपनियों से ग्राहकों के डेटा को “फिड्यूशियरी जिम्मेदारी” (fiduciary responsibility) के रूप में मानने का आग्रह किया, यानी कंपनियों को ग्राहक डेटा का इस्तेमाल केवल ग्राहक के हित में और उसकी सहमति से ही करना चाहिए, अपने व्यावसायिक फायदे के लिए मनमाने ढंग से नहीं। यह निर्देश बढ़ते डिजिटल लेनदेन और डेटा गोपनीयता संबंधी चिंताओं के मद्देनजर दिया गया है।
डिजिटल वित्तीय क्षेत्र के लिए आगे की राह
SRO मान्यता से फिनटेक कंपनियों के बीच स्व-अनुशासन बढ़ेगा और ग्राहकों का भरोसा मजबूत होगा, जो भारत के डिजिटल वित्तीय समावेशन (financial inclusion) के लक्ष्यों के लिए महत्वपूर्ण है। विशेषज्ञों के अनुसार, जैसे-जैसे फिनटेक क्षेत्र का विस्तार होगा, वैसे-वैसे ऐसे स्व-नियामक ढांचे उद्योग और नियामकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में मदद करेंगे।


