PM-KISAN 2030-31 तक जारी: ₹3.15 लाख करोड़ मंजूर, हर साल ₹6,000 की सहायता; जानें किसे मिलेगा लाभ
केंद्रीय कैबिनेट ने 31 जुलाई 2026 को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना को 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने को मंजूरी दी है। इसके लिए ₹3.15 लाख करोड़ का प्रावधान किया गया है। पात्र भूमिधारक किसान परिवारों को हर साल ₹6,000 तीन समान किस्तों में सीधे बैंक खाते में मिलते हैं।
अब तक का लाभ
योजना फरवरी 2019 में शुरू हुई थी। सरकारी जानकारी के अनुसार 23 किस्तों के माध्यम से ₹4.47 लाख करोड़ से अधिक राशि हस्तांतरित हुई है। 23वीं किस्त 9.49 करोड़ से अधिक किसानों तक पहुंची। महिला किसानों को ₹1.06 लाख करोड़ से अधिक मिले हैं।
भुगतान की प्रक्रिया
भुगतान आधार प्रमाणीकरण और डिजिटल सत्यापन के साथ DBT से होता है। किसान अपना ई-केवाईसी, भूमि सत्यापन और बैंक खाते का आधार लिंक सुनिश्चित रखें, वरना किस्त अटक सकती है।
प्रभाव का आकलन
NITI आयोग की DMEO के हवाले से बताया गया कि 92% से अधिक लाभार्थियों ने राशि कृषि गतिविधियों में उपयोग की और करीब 85% ने कृषि आय में वृद्धि तथा अनौपचारिक कर्ज पर निर्भरता में कमी बताई।
सूखे के इस दौर में महाराष्ट्र के किसानों के लिए राज्य की अलग सहायता भी घोषित हुई है। पात्रता की अंतिम जानकारी pmkisan.gov.in पर देखें।
PM-KISAN की शुरुआत और उद्देश्य
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि फरवरी 2019 में शुरू हुई केंद्र सरकार की प्रत्यक्ष आय सहायता योजना है। इसमें पात्र भूमिधारक किसान परिवारों को प्रति वर्ष ₹6,000 की सहायता तीन समान किस्तों में सीधे बैंक खाते में दी जाती है। उद्देश्य यह है कि किसान बीज, खाद, कीटनाशक और अन्य कृषि खर्चों के लिए साहूकार या अनौपचारिक कर्ज पर निर्भर न रहें। केंद्रीय कैबिनेट ने 31 जुलाई 2026 को इसे 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने को मंजूरी दी, जिसके लिए ₹3.15 लाख करोड़ का प्रावधान है।
अब तक की उपलब्धियां: आंकड़ों में
सरकारी जानकारी के अनुसार 23 किस्तों के माध्यम से ₹4.47 लाख करोड़ से अधिक की राशि किसानों को हस्तांतरित हुई है। 23वीं किस्त में 9.49 करोड़ से अधिक किसानों तक ₹18,984 करोड़ से अधिक राशि पहुंची। कोविड महामारी के दौरान ₹1.71 लाख करोड़ से अधिक का वितरण हुआ। महिला किसानों को ₹1.06 लाख करोड़ से अधिक राशि मिली और लगभग हर चार में से एक लाभार्थी महिला है।
स्वतंत्र मूल्यांकन क्या कहता है
NITI आयोग की डेवलपमेंट मॉनिटरिंग एंड इवैल्यूएशन ऑफिस (DMEO) के हवाले से दी गई जानकारी के अनुसार 92% से अधिक लाभार्थियों ने रकम कृषि गतिविधियों में खर्च की। करीब 85% ने कृषि आय बढ़ने और अनौपचारिक कर्ज पर निर्भरता घटने की बात कही। यह सरकारी मूल्यांकन है और अलग-अलग राज्यों के अनुभव भिन्न हो सकते हैं।
पात्रता और बहिष्करण: सामान्य नियम
योजना के तहत पात्र वे भूमिधारक किसान परिवार हैं जिनके नाम पर खेती योग्य भूमि दर्ज है। संस्थागत भूमिधारक, संवैधानिक पद पर रहे लोग, पूर्व और वर्तमान मंत्री और सांसद-विधायक, और आयकर दाता जैसी कुछ श्रेणियां सामान्यतः बाहर रखी जाती हैं। नियम समय-समय पर बदल सकते हैं, इसलिए आधिकारिक पोर्टल pmkisan.gov.in पर वर्तमान दिशानिर्देश देखें।
किस्त न मिलने के सामान्य कारण
किस्त अटकने के पीछे सामान्य कारणों में ई-केवाईसी अधूरी होना, बैंक खाते का आधार से लिंक न होना, खाते में नाम की वर्तनी में अंतर, भूमि अभिलेखों का सत्यापन लंबित होना और बैंक खाते का निष्क्रिय होना शामिल हैं। पोर्टल पर “लाभार्थी स्थिति” देखकर कारण जांचें और निकटतम CSC केंद्र या कृषि कार्यालय में सुधार कराएं।
सूखे के समय महाराष्ट्र के किसानों के लिए दोहरी सहायता
महाराष्ट्र में सूखे के बीच राज्य सरकार ने पात्र किसानों को दिवाली से पहले ₹5,000 की सहायता की घोषणा की है। यह राज्य की अलग सहायता है और पीएम-किसान की किस्त से भिन्न है। किसान दोनों योजनाओं की पात्रता और आवेदन की जानकारी अलग-अलग लें। राज्य की सहायता के लिए GR जारी होने पर पात्रता तय होगी।
धोखाधड़ी से बचाव
पीएम-किसान के नाम पर कई बार नकली एपीके फाइलें और लिंक व्हाट्सएप पर घूमते हैं। इन्हें डाउनलोड न करें, क्योंकि वे बैंक खाते की जानकारी चुरा सकती हैं। केवल सरकारी पोर्टल और अधिकृत ऐप का उपयोग करें। OTP, आधार या बैंक पिन किसी को न बताएं।
किसान अपनी तैयारी कैसे करें
ई-केवाईसी पूरी करें, बैंक खाते को आधार से जोड़ें, भूमि अभिलेख अपडेट रखें और मोबाइल नंबर चालू रखें। परिवार के सदस्यों के नाम और विवरण में विसंगति हो तो सुधार कराएं। किस्त की स्थिति नियमित जांचते रहें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
कितनी रकम मिलती है? प्रति वर्ष ₹6,000, तीन किस्तों में।
कब तक जारी रहेगी? कैबिनेट के अनुसार 2030-31 तक।
आवेदन कहां करें? pmkisan.gov.in पोर्टल, CSC केंद्र या कृषि कार्यालय।
स्रोत: प्रधानमंत्री कार्यालय/PIB (31 जुलाई 2026 कैबिनेट निर्णय)।


