राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम अब “प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना”: ₹53,428 करोड़ मंजूर, दिव्यांग पेंशन बढ़ी
केंद्रीय कैबिनेट ने राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) को पांच वर्ष, यानी 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने को मंजूरी दे दी है। इसके लिए ₹53,428 करोड़ का प्रावधान किया गया है। प्रधानमंत्री कार्यालय की जानकारी के अनुसार कार्यक्रम का नाम “प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना” किया जाएगा।
प्रमुख बदलाव
उप-योजनाओं के नाम भी बदले जाएंगे, जैसे प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना। दिव्यांगजन पेंशन में मासिक सहायता 0 से 79 वर्ष के लिए ₹375 और 80 वर्ष या अधिक के लिए ₹625 तय की गई है। पात्रता के लिए बेंचमार्क दिव्यांगता की सीमा 80% से घटाकर 40% कर दी गई है और पात्रता जन्म से शुरू होगी।
कितने लाभार्थी?
सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लगभग 3.20 करोड़ लाभार्थियों को इसका लाभ मिलेगा। वृद्धावस्था, विधवा और परिवार लाभ योजनाएं पहले जैसी जारी रहेंगी।
अमल कब से?
पात्रता, लाभार्थियों की संख्या और पेंशन दरों से जुड़े दिशानिर्देश तीन महीने के भीतर जारी कर लागू किए जाएंगे। इसलिए पात्र व्यक्ति अपने जिले के समाज कल्याण या ग्राम पंचायत कार्यालय से जानकारी लेते रहें। अनुमोदन के बाद नई दरों का भुगतान दिशानिर्देशों के अनुसार शुरू होगा।
राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम क्या है
राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) केंद्र सरकार का सामाजिक सुरक्षा का मुख्य कार्यक्रम है, जो गरीबी रेखा से नीचे जीवन-यापन करने वाले बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों को पेंशन के रूप में सहायता प्रदान करता है। इसकी उप-योजनाओं में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, दिव्यांगता पेंशन और राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना जैसी योजनाएं आती हैं। कैबिनेट की मंजूरी के अनुसार यह कार्यक्रम 2026-27 से 2030-31 तक पांच साल जारी रहेगा और इसके लिए ₹53,428 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
नया नाम और उप-योजनाओं का नामकरण
प्रधानमंत्री कार्यालय की जानकारी के अनुसार अब इसे “प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना” कहा जाएगा। उप-योजनाओं को भी नए नाम मिलेंगे, जैसे दिव्यांगों के लिए “प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना”। नाम बदलने से लाभार्थियों की पात्रता पर असर नहीं पड़ता, पर आवेदन पत्र और भुगतान संबंधी दस्तावेजों में नए नाम का उल्लेख दिख सकता है।
दिव्यांगजन पेंशन में बड़े बदलाव
सबसे बड़ा बदलाव दिव्यांग पेंशन की पात्रता और रकम में है। पात्रता के लिए बेंचमार्क दिव्यांगता की सीमा 80% से घटाकर 40% की गई है। इसका अर्थ है कि अब अधिक संख्या में दिव्यांगजन, जिनकी दिव्यांगता 40% या उससे अधिक है, पेंशन के पात्र होंगे। पात्रता जन्म से शुरू होगी, यानी बच्चों को भी लाभ मिल सकेगा। मासिक सहायता 0 से 79 वर्ष के लिए ₹375 और 80 वर्ष तथा उससे अधिक आयु वालों के लिए ₹625 तय की गई है।
वृद्धावस्था, विधवा और पारिवारिक लाभ योजनाएं
कैबिनेट के निर्णय के अनुसार वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन और राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना पहले की तरह जारी रहेंगी। इनमें कोई परिवर्तन घोषित नहीं हुआ है। राज्य सरकारें अपनी ओर से इन योजनाओं में अतिरिक्त राशि जोड़ सकती हैं, इसलिए अलग-अलग राज्यों में कुल पेंशन अलग हो सकती है।
कितने लोगों को लाभ
सरकारी जानकारी के अनुसार सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लगभग 3.20 करोड़ लाभार्थियों को इसका लाभ मिलेगा। इसमें बड़ी संख्या बुजुर्ग पेंशनरों की है, जबकि दिव्यांग लाभार्थियों की संख्या नई पात्रता सीमा के साथ बढ़ने की उम्मीद है।
कब तक लागू होगा
नई पात्रता, लाभार्थियों की संख्या और पेंशन दरों से जुड़े दिशानिर्देश तीन महीने के भीतर जारी कर लागू किए जाएंगे। इसलिए बदलाव का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा जब दिशानिर्देश जारी होंगे और राज्य सरकारें इन्हें लागू करेंगी। इस दौरान पात्र व्यक्तियों को आवेदन में जल्दबाजी करने के बजाय दस्तावेज तैयार रखने चाहिए।
दिव्यांगजन आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
आमतौर पर दिव्यांगता प्रमाणपत्र, आधार कार्ड, निवास प्रमाण, आयु प्रमाण, बैंक पासबुक और पासपोर्ट आकार के फोटो की आवश्यकता होती है। दिव्यांगता प्रमाणपत्र सरकारी अस्पताल के मेडिकल बोर्ड द्वारा जारी किया जाता है या यूडीआईडी कार्ड के माध्यम से मिलता है। जिन्होंने अब तक प्रमाणपत्र नहीं बनवाया है, वे अपने जिला सिविल सर्जन कार्यालय से जानकारी लें।
आवेदन कहां करें
आवेदन संबंधित राज्य या जिले के समाज कल्याण विभाग, ग्राम पंचायत, नगर पालिका या तहसील कार्यालय के माध्यम से किया जाता है। राज्य सरकारों के पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन की सुविधा भी होती है। किसी को आवेदन के बदले अनुचित पैसे न दें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या पेंशन अभी से बढ़ गई? नहीं, दिशानिर्देश जारी होने के बाद लागू होगी।
क्या 40% दिव्यांगता पर भी लाभ मिलेगा? हां, पात्रता की सीमा 40% की गई है।
भुगतान कैसे मिलेगा? आमतौर पर DBT से बैंक खाते में।
स्रोत: प्रधानमंत्री कार्यालय/PIB (14 अक्टूबर 2026)।


