छोटे कारोबारियों के लिए लोन: मुद्रा और PM विश्वकर्मा योजना में कितना कर्ज, कौन पात्र; ब्याज दरें बढ़ने के दौर में क्या देखें
RBI के रेपो रेट बढ़ाने के बाद बैंक ऋण महंगे हो रहे हैं। ऐसे में छोटे व्यवसायी सरकारी समर्थित ऋण योजनाओं पर नजर रख रहे हैं। यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है। बैंक की मौजूदा शर्तें और दरें आवेदन से पहले जरूर जांचें।
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना
इसमें गैर-कृषि, छोटे उद्यमों के लिए बिना गारंटी ऋण मिलता है। श्रेणियां हैं: शिशु (₹50,000 तक), किशोर (₹50,000 से ₹5 लाख), तरुण (₹5 लाख से ₹10 लाख) और तरुण प्लस (₹10 लाख से ₹20 लाख तक, जो तरुण में पहले ऋण चुकाने वालों के लिए है)। आवेदन बैंक, NBFC और उद्यमिमित्र पोर्टल से किया जा सकता है।
PM विश्वकर्मा योजना
पारंपरिक कारीगरों को पहचान पत्र, प्रशिक्षण, ₹15,000 का टूलकिट प्रोत्साहन और बिना गारंटी ऋण दिया जाता है, जिसमें पहली किस्त ₹1 लाख और दूसरी ₹2 लाख तक है, रियायती ब्याज दर के साथ।
आवेदन से पहले क्या जांचें?
ब्याज दर किस बेंचमार्क से जुड़ी है, प्रोसेसिंग शुल्क, चुकौती अवधि, क्रेडिट स्कोर और आवश्यक दस्तावेज (आधार, पैन, पते का प्रमाण, व्यवसाय का प्रमाण) की जानकारी लें। किसी एजेंट को आवेदन के नाम पर पैसा न दें, क्योंकि मुद्रा ऋण के लिए सरकारी योजना में अग्रिम शुल्क नहीं लिया जाता।
मुद्रा योजना: संरचना और श्रेणियां
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना गैर-कृषि क्षेत्र के सूक्ष्म और लघु उद्यमों को संस्थागत कर्ज उपलब्ध कराने की योजना है। इसमें बैंक, एनबीएफसी और सूक्ष्म वित्त संस्थाएं ऋण देती हैं। ऋण की चार श्रेणियां हैं: शिशु (₹50,000 तक), किशोर (₹50,000 से ₹5 लाख), तरुण (₹5 लाख से ₹10 लाख) और तरुण प्लस (₹10 लाख से ₹20 लाख, जो तरुण श्रेणी में पहले ऋण चुकाने वालों के लिए है)। इससे दुकान, सेवा, छोटे विनिर्माण, ट्रांसपोर्ट, खाद्य प्रसंस्करण और अन्य व्यवसाय शुरू या बढ़ाए जा सकते हैं।
मुद्रा ऋण के लिए आवेदन कैसे करें
आप बैंक की निकटतम शाखा, उद्यमिमित्र पोर्टल या अधिकृत एनबीएफसी के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आमतौर पर आवेदन पत्र, पहचान और पते का प्रमाण, व्यवसाय का विवरण या प्रोजेक्ट रिपोर्ट, बैंक स्टेटमेंट और पासपोर्ट साइज फोटो जरूरी होते हैं। नए व्यवसाय के लिए सरल व्यवसाय योजना देना उपयोगी रहता है। छोटी राशि के लिए जटिल दस्तावेज की जरूरत नहीं होती, पर बैंक की अपनी शर्तें होती हैं।
PM विश्वकर्मा योजना: पारंपरिक कारीगरों के लिए
यह योजना सुनार, बढ़ई, लोहार, कुम्हार, दर्जी, नाई जैसे पारंपरिक कारीगरों के लिए है। इसमें पहचान पत्र और प्रमाणपत्र, कौशल प्रशिक्षण, ₹15,000 का टूलकिट प्रोत्साहन और बिना गारंटी कर्ज मिलता है। पहली किस्त में ₹1 लाख और उसे चुकाने पर दूसरी में ₹2 लाख तक रियायती ब्याज पर मिलता है। पंजीकरण CSC केंद्र पर बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के बाद होता है।
ब्याज दर बढ़ने के माहौल में क्या ध्यान रखें
RBI के रेपो रेट बढ़ाने से बैंकों के कई कर्ज महंगे हो रहे हैं। सरकारी योजनाओं में दरें सामान्यतः बैंक की नीतियों के अनुसार तय होती हैं, इसलिए आवेदन से पहले दर, प्रोसेसिंग शुल्क, चुकौती अवधि और प्री-पेमेंट शर्तें पूछें। छोटे कारोबारी अपने मासिक नकदी प्रवाह के हिसाब से ही कर्ज लें और EMI चुकाने की क्षमता का ईमानदार अनुमान लगाएं।
कर्ज के लिए अच्छा आवेदन कैसे तैयार करें
अपने व्यवसाय की मासिक आय और खर्च का सरल विवरण बनाएं। यदि दुकान है तो उसकी रसीद, उद्यम पंजीकरण और GST (यदि लागू हो) के दस्तावेज रखें। बैंक खाते में नियमित लेनदेन का रिकॉर्ड अच्छा संकेत देता है। क्रेडिट स्कोर देखकर पुराने बकाए चुका दें।
धोखाधड़ी और एजेंटों से सावधानी
“लोन पास कराने” के नाम पर पैसे मांगने वालों से सावधान रहें। मुद्रा ऋण में सरकारी योजना के नाम पर अग्रिम शुल्क नहीं लिया जाता। संदिग्ध कॉल या लिंक पर बैंक विवरण साझा न करें। शिकायत के लिए बैंक के नोडल अधिकारी या जिला अग्रणी बैंक कार्यालय से संपर्क करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या मुद्रा ऋण पर सब्सिडी मिलती है? सामान्यतः मुद्रा ऋण पर सीधे सब्सिडी नहीं होती। विवरण बैंक से पूछें।
क्या गारंटी चाहिए? योजना में बिना गारंटी ऋण का प्रावधान है।
कितना समय लगता है? यह बैंक और दस्तावेजों पर निर्भर करता है।
यह जानकारी सामान्य है। वर्तमान नियम और दरें बैंक या सरकारी पोर्टल से जरूर जांचें।
स्रोत: बैंक ऑफ बड़ौदा, सरकारी योजना जानकारी। वर्तमान शर्तें संबंधित बैंक/पोर्टल से पुष्टि करें।


