MSME सस्टेनेबल (ZED) सर्टिफिकेशन योजना: सर्टिफिकेशन खर्च पर 80% तक सब्सिडी
MSME सस्टेनेबल (ZED) सर्टिफिकेशन योजना – Zero Defect Zero Effect – MSME मंत्रालय की योजना है, जिसका उद्देश्य MSME उत्पादों की गुणवत्ता बढ़ाना (Zero Defect) और साथ ही उत्पादन प्रक्रिया का पर्यावरण पर न्यूनतम प्रतिकूल प्रभाव सुनिश्चित करना (Zero Effect) है।
सर्टिफिकेशन स्तर
ZED सर्टिफिकेशन पांच स्तरों में दिया जाता है – ब्रॉन्ज, सिल्वर, गोल्ड, डायमंड व प्लेटिनम – जो इकाई के गुणवत्ता, पर्यावरण, ऊर्जा दक्षता व अन्य मानकों पर प्रदर्शन के आधार पर तय होते हैं।
मुख्य लाभ
- सर्टिफिकेशन खर्च पर सूक्ष्म इकाइयों को 80% तक, लघु इकाइयों को 60% तक व मध्यम इकाइयों को 50% तक सब्सिडी
- महिला, SC/ST उद्यमी व पूर्वोत्तर/पहाड़ी राज्यों की इकाइयों के लिए अतिरिक्त सब्सिडी लाभ
- गैप एनालिसिस के बाद सुझाई गई सुधार गतिविधियों (मशीनरी/तकनीक उन्नयन) पर भी अतिरिक्त सहायता
- सर्टिफाइड इकाइयों को सरकारी खरीद, GeM लिस्टिंग व बैंक फाइनेंस में वरीयता
पात्रता
- Udyam पोर्टल पर पंजीकृत सूक्ष्म, लघु या मध्यम उद्यम
- विनिर्माण क्षेत्र की इकाइयां प्राथमिकता में, हालांकि कुछ सेवा क्षेत्र की इकाइयां भी पात्र हो सकती हैं
आवेदन कैसे करें
इच्छुक MSME zed.msme.gov.in पोर्टल पर Udyam नंबर से पंजीकरण कर ZED सर्टिफिकेशन के लिए आवेदन कर सकती हैं। पंजीकरण के बाद गैप एनालिसिस, हैंडहोल्डिंग व अंततः थर्ड-पार्टी असेसमेंट के आधार पर सर्टिफिकेशन प्रदान किया जाता है।
अधिकृत स्रोत
MSME मंत्रालय, भारत सरकार – zed.msme.gov.in
अधिक जानकारी व सेवाओं के लिए संपर्क करें
इस योजना से जुड़ी अधिक जानकारी या संबंधित सेवाओं (जैसे आवेदन प्रक्रिया में सहायता, दस्तावेज तैयार करना, पात्रता जांच आदि) के लिए RINSON COMMERCE AND TRADE PRIVATE LIMITED से संपर्क करें।
फोन/मोबाइल: +91 7798186956
ईमेल: rinsonbusiness@gmail.com
वेबसाइट: rinsonbusiness.com
सब्सिडी संरचना और सर्टिफिकेशन स्तर
ZED सर्टिफिकेशन के तहत सूक्ष्म उद्यमों को सर्टिफिकेशन लागत पर 80% सब्सिडी, लघु उद्यमों को 60% और मध्यम उद्यमों को 50% सब्सिडी मिलती है; महिला, SC/ST स्वामित्व वाले उद्यमों तथा SFURTI क्लस्टर सदस्यों को इसके ऊपर अतिरिक्त 10% की बढ़ी हुई सब्सिडी दी जाती है। सर्टिफिकेशन तीन स्तरों में बंटा है – ब्रॉन्ज़ (पहली बार आवेदन करने वालों के लिए, फीस लगभग ₹15,000), सिल्वर (ISO 9001/14001 प्रमाणित MSMEs के लिए, ₹40,000) और गोल्ड (परिपक्व, निर्यातोन्मुख उद्यमों के लिए, ₹90,000)। ZED पोर्टल (zed.msme.gov.in) पर पंजीकरण करते ही MSME को केवल प्रतिज्ञा (Pledge) लेने पर ₹10,000 का रिवॉर्ड मिलता है, जिसका उपयोग किसी भी स्तर के सर्टिफिकेशन आवेदन के लिए किया जा सकता है। ZED-सर्टिफाइड MSMEs को CGTMSE के तहत 85% तक बढ़ी हुई क्रेडिट गारंटी कवरेज तथा गारंटी फीस पर 10% की छूट भी मिलती है। सर्टिफिकेट की वैधता तीन वर्ष है, जिसके बाद पुनर्नवीनीकरण आवश्यक होता है। सत्यापन प्रक्रिया क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया (QCI) द्वारा मान्यता प्राप्त असेसर द्वारा ऑन-साइट मूल्यांकन के जरिए की जाती है, जिससे प्रमाणन की विश्वसनीयता बनी रहती है और बड़े खरीदार व सरकारी विभाग भी इन उद्यमों को प्राथमिकता देते हैं।
पंजीकरण प्रक्रिया और लक्ष्य
ZED प्रमाणन के लिए आवेदन करने हेतु उद्यम को पहले zed.msme.gov.in पोर्टल पर Udyam रजिस्ट्रेशन नंबर से लॉगिन करना होता है, इसके बाद सेल्फ-असेसमेंट प्रश्नावली भरनी होती है जिसमें गुणवत्ता, ऊर्जा दक्षता, अपव्यय प्रबंधन व सुरक्षा जैसे मापदंडों का आकलन होता है। इसके आधार पर QCI-मान्यता प्राप्त असेसर द्वारा फिजिकल ऑडिट किया जाता है, और परिणाम के अनुसार उद्यम को उचित सर्टिफिकेशन स्तर मिलता है। सरकार का लक्ष्य देशभर में लाखों MSMEs को इस योजना के दायरे में लाना है ताकि वे न केवल गुणवत्ता में सुधार करें बल्कि सरकारी टेंडर व बड़ी कंपनियों की सप्लाई चेन में प्राथमिकता भी पा सकें। कई राज्य सरकारें भी अपने स्तर पर अतिरिक्त प्रोत्साहन दे रही हैं, जैसे राज्य औद्योगिक नीति के तहत अतिरिक्त सब्सिडी या तेज़ मंजूरी प्रक्रिया।


