MSE-GIFT स्कीम: ग्रीन टेक्नोलॉजी लोन पर 2% ब्याज सबवेंशन
MSE-GIFT का पूरा नाम है “MSE Green Investment and Financing for Transformation”। यह भी RAMP योजना के तहत चलने वाली उप-योजना है, जिसका उद्देश्य सूक्ष्म व लघु उद्यमों को ग्रीन टेक्नोलॉजी अपनाने के लिए लिए गए ऋण पर ब्याज सबवेंशन देकर हरित परिवर्तन को प्रोत्साहित करना है।
मुख्य लाभ
- ग्रीन टेक्नोलॉजी लोन पर 2% प्रति वर्ष ब्याज सबवेंशन, ₹2 करोड़ तक की टर्म लोन सीमा पर लागू
- बैंक/NBFC/SIDBI जैसी मान्यता प्राप्त वित्तीय संस्थाओं से लिए गए ऋण पर सुविधा उपलब्ध
- ऊर्जा-कुशल मशीनरी, सौर ऊर्जा प्रणाली, वेस्ट मैनेजमेंट, जल शोधन व प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों में निवेश को प्रोत्साहन
पात्रता
- Udyam पोर्टल पर पंजीकृत MSME
- अनुमोदित ग्रीन टेक्नोलॉजी अपनाने का प्रस्ताव
- मान्यता प्राप्त बैंक, वित्तीय संस्था, स्मॉल फाइनेंस बैंक, माइक्रोफाइनेंस संस्था या NBFC से ऋण स्वीकृत होना आवश्यक
आवश्यक दस्तावेज
- Udyam रजिस्ट्रेशन, PAN व आधार
- ग्रीन टेक्नोलॉजी प्रोजेक्ट रिपोर्ट
- बैंक/वित्तीय संस्था का लोन स्वीकृति पत्र
- वित्तीय विवरण व KYC दस्तावेज
आवेदन कैसे करें
आवेदक पहले संबंधित बैंक/वित्तीय संस्था से ग्रीन टेक्नोलॉजी प्रोजेक्ट के लिए ऋण स्वीकृत कराएं, फिर ब्याज सबवेंशन के लिए RAMP पोर्टल ramp.msme.gov.in पर MSE-GIFT सेक्शन के तहत आवेदन करें। बैंक द्वारा पात्रता जांचने के बाद सबवेंशन राशि सीधे ऋण खाते में समायोजित की जाती है।
अधिकृत स्रोत
RAMP – MSME मंत्रालय, भारत सरकार – ramp.msme.gov.in
अधिक जानकारी व सेवाओं के लिए संपर्क करें
इस योजना से जुड़ी अधिक जानकारी या संबंधित सेवाओं (जैसे आवेदन प्रक्रिया में सहायता, दस्तावेज तैयार करना, पात्रता जांच आदि) के लिए RINSON COMMERCE AND TRADE PRIVATE LIMITED से संपर्क करें।
फोन/मोबाइल: +91 7798186956
ईमेल: rinsonbusiness@gmail.com
वेबसाइट: rinsonbusiness.com
MSE-GIFT योजना क्या है?
MSE-GIFT (Green Investment and Financing for Transformation) स्कीम सूक्ष्म व लघु उद्यमों (MSEs) को हरित तकनीक (Green Technology) अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु शुरू की गई है। इस योजना के तहत ऊर्जा-कुशल मशीनरी, सौर ऊर्जा उपकरण, प्रदूषण नियंत्रण तकनीक और अन्य पर्यावरण-अनुकूल उपकरणों की खरीद के लिए लिए गए लोन पर 2% ब्याज सबवेंशन (छूट) दी जाती है।
किसे मिलेगा लाभ?
यह योजना विशेष रूप से उन MSE इकाइयों के लिए है जो अपने उत्पादन में ऊर्जा दक्षता बढ़ाना चाहती हैं या प्रदूषण कम करने वाली तकनीक अपनाना चाहती हैं। पात्र उद्यमियों को अपने बैंक या वित्तीय संस्था के माध्यम से ग्रीन टेक्नोलॉजी से जुड़ी परियोजना के लिए लोन आवेदन करते समय इस सबवेंशन के लिए अनुरोध करना होता है।
पर्यावरण और व्यवसाय दोनों के लिए फायदेमंद
ब्याज दर में मिलने वाली यह छूट न केवल उद्यमियों की परिचालन लागत (operating cost) कम करती है, बल्कि दीर्घकाल में ऊर्जा बचत के जरिए भी बचत बढ़ाती है। इसके साथ ही यह योजना भारत के जलवायु परिवर्तन संबंधी प्रतिबद्धताओं (जैसे नेट-जीरो लक्ष्य) को पूरा करने में MSME क्षेत्र के योगदान को भी बढ़ावा देती है। सरकार का मानना है कि छोटे उद्योगों को हरित तकनीक अपनाने के लिए वित्तीय प्रोत्साहन मिलने से समग्र औद्योगिक प्रदूषण में उल्लेखनीय कमी आ सकती है।
दीर्घकालीन फायदे
MSE-GIFT योजनेचा लाभ घेणाऱ्या उद्यमांना केवळ आर्थिक बचतच नाही, तर त्यांच्या उत्पादनांना “हरित प्रमाणपत्र” (green certification) मिळण्यासही मदत होऊ शकते, जे आंतरराष्ट्रीय बाजारपेठेत, विशेषतः युरोपियन युनियनसारख्या पर्यावरण-जागरूक बाजारपेठांमध्ये, उत्पादनांना अधिक मागणी मिळवून देण्यास उपयुक्त ठरते.


