महाराष्ट्र में 305 तालुकों में सूखा घोषित, किसानों को दिवाली से पहले ₹5,000 की मदद: फडणवीस
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 14 अक्टूबर 2026 को मुंबई में पत्रकार परिषद में राज्य के 305 तालुकों में सूखा घोषित करने की जानकारी दी। इससे पहले 265 तालुके सूखाग्रस्त घोषित हुए थे। साथ ही किसानों को दिवाली से पहले ₹5,000 की सहायता देने की घोषणा की गई।
₹5,000 की सहायता
एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार यह रकम फसल नुकसान और आर्थिक संकट झेल रहे किसानों के बैंक खातों में दिवाली से पहले जमा होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार सामान्यतः सूखा सहायता दिसंबर में मिलती है, लेकिन इस बार सूखा पहले घोषित किया गया है। कर्जमाफी की रकम भी किसानों के खातों में जमा की जा रही है।
पानी का संकट
राज्य में जलस्तर घट रहा है और भूजल तीन मीटर से नीचे गया है। पेयजल टैंकरों की संख्या बढ़ाई जा रही है, टैंकरों की निगरानी GPS से होगी और 16,000 अवैध जल कनेक्शन काटे गए हैं।
कैबिनेट प्रस्ताव
राज्य कैबिनेट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्ष सरकार प्रमुख के रूप में पूर्ण करने पर अभिनंदन प्रस्ताव भी पारित किया। मोदी ने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में पदभार संभाला था।
किसान क्या करें?
बैंक खाते का आधार से जुड़ा होना, केवाईसी और मोबाइल नंबर अपडेट रखना जरूरी है। पात्रता के विस्तृत मानदंड शासन निर्णय (GR) में स्पष्ट होंगे, इसलिए अफवाहों से बचें और अपने तहसील या कृषि कार्यालय से पुष्टि करें।
सूखा घोषित करने की प्रक्रिया
किसी तालुके को सूखाग्रस्त घोषित करने के लिए राज्य सरकार केंद्र के सूखा प्रबंधन नियमावली के मानदंड देखती है। इनमें वर्षा की कमी, बारिश के बीच लंबे सूखे अंतराल, मिट्टी की नमी, उपग्रह आधारित फसल हरियाली सूचकांक और फसल की स्थिति जैसे संकेतक शामिल होते हैं। जिला प्रशासन की रिपोर्ट के आधार पर राज्य स्तर पर निर्णय होता है। एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार महाराष्ट्र में पहले 358 तालुकों में से 265 घोषित हुए थे और अब यह संख्या 305 हो गई है, जो 32 जिलों में फैली स्थिति का संकेत है।
मुख्यमंत्री की घोषणाएं
14 अक्टूबर को मुंबई की पत्रकार परिषद में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार सूखे की सहायता आमतौर पर दिसंबर में मिलती है, लेकिन इस बार सूखा पहले ही घोषित कर दिया गया ताकि किसानों को जल्दी राहत मिले। उन्होंने ₹5,000 को “दिवाली बोनस” की संज्ञा दी। 17 अक्टूबर को वर्धा में उन्होंने कहा कि यह रकम अग्रिम दी गई है और शेष मुआवजा बाद में मिलेगा। इसके साथ कर्जमाफी की राशि भी किसानों के खातों में डाली जा रही है।
पानी के संकट के उपाय
राज्य सरकार के अनुसार भूजल स्तर तीन मीटर से नीचे चला गया है। टैंकरों की संख्या बढ़ाई जा रही है और GPS से उनकी निगरानी की जाएगी ताकि पानी का दुरुपयोग रोका जा सके। जल चोरी रोकने के लिए 16,000 अवैध जल कनेक्शन काटे गए हैं। यह कदम महत्वपूर्ण है, क्योंकि पेयजल के संकट में अवैध कनेक्शन से सामान्य उपभोक्ताओं का हिस्सा कम हो जाता है।
मोदी के 25 वर्ष पर कैबिनेट प्रस्ताव
राज्य कैबिनेट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकार प्रमुख के रूप में 25 वर्ष पूरे करने पर अभिनंदन प्रस्ताव पारित किया, जो प्रधानमंत्री को भेजा जाएगा। प्रस्ताव में गरीबों के लिए आवास, स्वास्थ्य, स्वच्छता और वन नेशन वन राशन कार्ड जैसी योजनाओं का उल्लेख है। मोदी ने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभाला था।
मुख्यमंत्री के अन्य दावे
रिपोर्ट के अनुसार मुख्यमंत्री ने किसानों को ₹1 लाख करोड़ के ऋण, राज्य में ₹12 लाख करोड़ के विकास कार्य, 29 बड़ी सिंचाई परियोजनाओं की मंजूरी और 2029 तक राज्य की 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था की दिशा में काम करने की बात कही। ये दावे सरकार के हैं और लेख में स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं किए गए हैं।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
16 अक्टूबर को टीवी9 मराठी के लाइव ब्लॉग के अनुसार कुछ नेताओं ने राशि को कम बताया। एनसीपी के सुनील तटकरे ने इसे अपर्याप्त माना। शिंदे सेना के विधायक नरेंद्र भोंडेकर ने पहली किस्त ₹10,000 से ₹15,000 करने की मांग की। गडचिरोली के संदर्भ में कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने कहा कि जिले के केवल दो तालुके सूखा सूची में हैं और पूरे जिले को सूखाग्रस्त घोषित किया जाए। सरकार की ओर से मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने फैसला लिए जाने की पुष्टि की।
किसानों के लिए व्यावहारिक मार्गदर्शन
पहला, बैंक खाता आधार से जुड़ा और सक्रिय रखें। दूसरा, ई-केवाईसी तथा मोबाइल नंबर अपडेट रखें। तीसरा, पंचनामे के लिए तलाठी और कृषि सहायक से संपर्क करें। चौथा, फसल बीमा का दावा समय सीमा के भीतर करें। पांचवां, सोशल मीडिया पर आने वाले “आवेदन फॉर्म” या “लिंक” से सावधान रहें, क्योंकि सरकारी सहायता सीधे पात्र खाते में आती है और इसके लिए कोई शुल्क नहीं लगता। छठा, अपने तहसील कार्यालय में जमा GR की प्रति और पात्रता सूची देखें।
गांवों और शहरों के नागरिकों के लिए
पानी की कमी का असर शहरों में भी दिख रहा है। 16 अक्टूबर की रिपोर्ट में मुंबई में 10% जलकटौती का उल्लेख है। नागरिक पानी का उपयोग सोच-समझकर करें, लीकेज तुरंत ठीक करवाएं और बारिश के पानी के संचयन पर ध्यान दें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
रकम कब आएगी? घोषणा के अनुसार दिवाली से पहले। सटीक तारीख आधिकारिक आदेश में होगी।
क्या यह कर्जमाफी से अलग है? हां। कर्जमाफी की राशि अलग से खातों में जमा की जा रही बताई गई है।
क्या पशुपालकों को लाभ मिलेगा? चारा और पशुधन पर राहत की मांगें उठी हैं, पर सरकार के आधिकारिक निर्णय की प्रतीक्षा है।
स्रोत: एएनआई (14 अक्टूबर 2026)।


