Home / Business News
Business News

अगस्त में इक्विटी म्यूचुअल फंड में ₹29,328 करोड़ आए; निवेश प्रवाह के आंकड़े क्या बताते हैं?

September 10, 2026 · Prashant Mankar
अगस्त में इक्विटी म्यूचुअल फंड में ₹29,328 करोड़ आए; निवेश प्रवाह के आंकड़े क्या बताते हैं?

11 सितंबर 2026 | बिज़नेस डेस्क

अगस्त 2026 में इक्विटी म्यूचुअल फंड योजनाओं में शुद्ध निवेश जुलाई से बढ़ा। 10 सितंबर को जारी AMFI के आंकड़ों पर DD India की रिपोर्ट के मुताबिक, इन योजनाओं में ₹29,328.62 करोड़ आए। मासिक बढ़ोतरी लगभग 19 प्रतिशत रही। म्यूचुअल फंड उद्योग में कुल शुद्ध प्रवाह ₹41,353.60 करोड़ दर्ज किया गया।

किन श्रेणियों में कितना निवेश आया?

स्मॉलकैप योजनाओं में करीब ₹7,973 करोड़, मिडकैप में ₹6,989 करोड़ और फ्लेक्सीकैप में ₹5,059 करोड़ का शुद्ध निवेश आया। लार्ज एंड मिडकैप श्रेणी में लगभग ₹3,873 करोड़ पहुंचे। इसके विपरीत डेट योजनाओं से कुल ₹8,127 करोड़ की शुद्ध निकासी हुई। अलग-अलग श्रेणियों की दिशा एक जैसी नहीं रही।

SIP के आंकड़ों में भी बढ़ोतरी

NDTV Profit की रिपोर्ट के अनुसार, अगस्त में SIP योगदान ₹32,297 करोड़ रहा, जबकि जुलाई में यह ₹31,961 करोड़ था। SIP योगदान नियमित निवेश का एक संकेतक है, लेकिन इसे इक्विटी योजनाओं के शुद्ध प्रवाह में जोड़कर कुल निवेश बताना ठीक नहीं होगा। दोनों आंकड़े अलग पहलुओं को मापते हैं।

शुद्ध प्रवाह और रिटर्न में अंतर

सरल उदाहरण लें: किसी योजना में एक अवधि में ₹100 जमा हों और ₹40 निकाले जाएं, तो शुद्ध प्रवाह ₹60 होगा। इसका अर्थ निवेशकों को 60 प्रतिशत रिटर्न मिलना नहीं है। रिटर्न का संबंध योजना के निवेशों की कीमत और उसके प्रदर्शन से है; प्रवाह बताता है कि पैसा कितना आया और गया।

इन आंकड़ों को कैसे पढ़ें?

संपादकीय विश्लेषण में अगस्त के आंकड़े निवेश गतिविधि की तस्वीर देते हैं, भविष्य के बाजार का पक्का संकेत नहीं। किसी श्रेणी में अधिक पैसा आने से वह हर व्यक्ति के लिए उपयुक्त नहीं हो जाती। इसी तरह निकासी अपने आप उस श्रेणी की सभी योजनाओं का खराब प्रदर्शन साबित नहीं करती। आंकड़ों की तुलना करते समय अवधि, श्रेणी और मापने के तरीके को एक समान रखना जरूरी है।

स्रोत: DD India: AMFI के अगस्त आंकड़े; NDTV Profit: SIP योगदान। दोनों रिपोर्ट 10 सितंबर 2026 की हैं।

निवेश प्रवाह में वृद्धि के कारण

अगस्त 2026 में इक्विटी म्यूचुअल फंड में ₹29,328.62 करोड़ का निवेश आया, जो पिछले महीने की तुलना में 19 प्रतिशत अधिक और चार महीनों में सबसे ऊंचा स्तर है। यह वृद्धि मुख्य रूप से स्मॉल-कैप और मिड-कैप फंड्स में बढ़ती दिलचस्पी के कारण दर्ज हुई, जो निवेशकों के बाजार के प्रति बढ़ते विश्वास को दर्शाती है।

SIP और अन्य श्रेणियों का योगदान

व्यवस्थित निवेश योजना (SIP) के माध्यम से होने वाला निवेश भी मजबूत बना रहा, जो दर्शाता है कि खुदरा निवेशक अब बाजार की अल्पकालिक उठापटक से घबराने के बजाय अनुशासित तरीके से दीर्घकालिक निवेश की रणनीति अपना रहे हैं। इसी अवधि में गोल्ड ईटीएफ में भी 67 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ ₹2,596.70 करोड़ का निवेश आया, जो सुरक्षित संपत्तियों के प्रति भी निवेशकों के रुझान को दिखाता है।

भारतीय पूंजी बाजार के लिए संकेत

घरेलू म्यूचुअल फंड में लगातार बढ़ता निवेश भारतीय शेयर बाजार के लिए एक स्थिर घरेलू संस्थागत निवेशक आधार तैयार कर रहा है, जो विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली के दौरान भी बाजार को सहारा देने में मदद करता है। विश्लेषकों के अनुसार, बढ़ती वित्तीय साक्षरता, डिजिटल निवेश प्लेटफॉर्म की सुगमता और बढ़ती आय के चलते आने वाले महीनों में भी यह रुझान जारी रह सकता है।

📲
रोजच्या सरकारी योजना व बिझनेस अपडेट्स मोफत मिळवा!
आमच्या "उद्योग मार्गदर्शन" WhatsApp चॅनेलला जॉईन करा
चॅनेल जॉईन करा
MIDC Industrial Plot Complete Guide E-Book Mahilansathi Pramukh Sarkari Yojana E-Book