57वीं GST काउंसिल सुधारों पर CBIC की बेंगलुरु बैठक: 250 व्यापारी प्रतिनिधियों से चर्चा
CBIC के अध्यक्ष विवेक चतुर्वेदी और सदस्य संजय मंगल ने 13 अक्टूबर को बेंगलुरु में करीब 250 व्यापार और करदाता प्रतिनिधियों से मुलाकात कर 57वीं GST काउंसिल बैठक में सुझाए गए सुधारों पर चर्चा की।
57वीं बैठक के प्रमुख प्रस्ताव
8 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में हुई बैठक की रिपोर्ट के अनुसार GST दरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। प्रस्तावों में गिरफ्तारी की शक्ति हटाना, अभियोजन की सीमा ₹1 करोड़ से बढ़ाकर ₹5 करोड़ करना, सामान्य जुर्माना ₹25,000 से घटाकर ₹10,000 करना और ₹10,000 से कम राशि पर नोटिस न देना शामिल है।
रिफंड और पंजीकरण में राहत
रिफंड आवेदन की पावती की अवधि 15 दिन से घटाकर 10 दिन करने, जोखिम आधारित 90% दावों का भुगतान 3 कार्यदिवस में करने और कम जोखिम वाले आवेदकों को 3 कार्यदिवस में GST पंजीकरण देने की बात है। इनवर्टेड ड्यूटी में इनपुट सेवाओं पर रिफंड 1 नवंबर 2026 के बाद लिए गए क्रेडिट पर और पूंजीगत वस्तुओं पर 1 अप्रैल 2027 के बाद के क्रेडिट पर संभव होगा।
अभी लागू नहीं
ये काउंसिल की सिफारिशें हैं। कानूनी रूप से लागू होने के लिए CBIC की अधिसूचनाएं, परिपत्र और CGST कानून में संशोधन चाहिए। तब तक वर्तमान नियम ही लागू रहेंगे। छोटे कारोबारी आधिकारिक अधिसूचना का इंतजार करें और अपने GST सलाहकार से पुष्टि लें।
GST काउंसिल क्या है और कैसे निर्णय लेती है
GST काउंसिल केंद्र और राज्यों की साझा संस्था है, जिसकी अध्यक्षता केंद्रीय वित्त मंत्री करती हैं और सभी राज्यों के वित्त मंत्री इसके सदस्य होते हैं। काउंसिल कर की दरों, छूट, प्रक्रियाओं और कानूनी बदलावों पर सिफारिशें करती है। इसकी सिफारिशें तब तक लागू नहीं होतीं जब तक केंद्र और राज्य अधिसूचनाएं या कानून में संशोधन न कर दें। इसलिए बैठक के बाद की घोषणाओं और उनके लागू होने के बीच अक्सर अंतर रहता है।
57वीं बैठक 8 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में हुई, जिसकी अध्यक्षता वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने की। कैनियरबाय की रिपोर्ट के अनुसार यह बैठक 12 सितंबर और फिर 7 अक्टूबर से टलने के बाद हुई और सितंबर 2025 की 56वीं बैठक के बाद पहली थी, जिसमें दो-स्लैब ढांचा लाया गया था।
CBIC की बेंगलुरु बैठक का संदेश
सीए क्लब इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार CBIC अध्यक्ष विवेक चतुर्वेदी और सदस्य संजय मंगल ने 13 अक्टूबर को बेंगलुरु में लगभग 250 व्यापार और करदाता प्रतिनिधियों से मुलाकात की। इसका उद्देश्य सुधारों को लेकर कारोबारियों की चिंताएं और सुझाव जानना और सरल अनुपालन पर चर्चा करना था। ऐसी बैठकें आमतौर पर अधिसूचनाएं जारी करने से पहले उद्योग की राय लेने के लिए होती हैं।
गिरफ्तारी, अभियोजन और जुर्माने में प्रस्तावित बदलाव
रिपोर्ट में बताया गया कि गिरफ्तारी की शक्ति हटाने की सिफारिश की गई है। अभी वह ₹1 करोड़ से अधिक की चोरी, फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट या गलत रिफंड के मामलों में वरिष्ठ अधिकारी की मंजूरी से संभव है। अभियोजन की सीमा ₹1 करोड़ से बढ़ाकर ₹5 करोड़ करने, न्यूनतम सजा हटाने, सामान्य जुर्माना ₹25,000 से घटाकर ₹10,000 करने और ₹10,000 से कम राशि पर नोटिस न देने का प्रस्ताव है। देरी से रिटर्न या गलती की स्थिति में केवल कर, ब्याज और आनुपातिक जुर्माने की बात कही गई है। ये प्रावधान CGST कानून में हैं, इसलिए इनके लिए कानूनी संशोधन चाहिए और तब तक मौजूदा प्रावधान लागू रहेंगे।
रिफंड और ITC में राहत
रिफंड आवेदन की पावती की अवधि 15 से 10 दिन करने, जोखिम आधारित 90% दावों का 3 कार्यदिवस में भुगतान करने और इलेक्ट्रॉनिक कैश लेजर के अतिरिक्त शेष का स्वतः रिफंड करने का प्रस्ताव है। उल्टे शुल्क ढांचे वाले कारोबारों में इनपुट सेवाओं पर रिफंड 1 नवंबर 2026 के बाद लिए गए क्रेडिट पर और पूंजीगत वस्तुओं पर 1 अप्रैल 2027 के बाद के क्रेडिट पर संभव होगा। कर्मचारियों के स्वास्थ्य और जीवन बीमा, टेलीकॉम टावर, फ्री सैंपल और शेल्फ-लाइफ खत्म होने पर नष्ट करने वाले स्टॉक पर ITC की सिफारिश है, पर शर्तें अभी तय नहीं हुई हैं।
पंजीकरण और रिटर्न प्रक्रिया
कम जोखिम वाले आवेदकों या ₹2.5 लाख प्रति माह तक के पंजीकृत व्यक्तियों को आपूर्ति करने वालों को 3 कार्यदिवस में पंजीकरण देने की बात है। नाम, पार्टनर या निदेशक और अतिरिक्त व्यावसायिक स्थान जैसे संशोधन स्वतः स्वीकृत होंगे। ₹5 करोड़ तक टर्नओवर वाले और केवल उपभोक्ताओं को आपूर्ति करने वाले करदाताओं के लिए सालाना रिटर्न और त्रैमासिक कर भुगतान का विकल्प सैद्धांतिक रूप से स्वीकृत हुआ है, जिसका ढांचा अगली बैठक में आएगा।
छोटे कारोबारी क्या करें
आधिकारिक अधिसूचनाओं का इंतजार करें और अफवाहों पर कदम न उठाएं। अपने GST रिकॉर्ड, ITC के दावे, टैक्स इनवॉइस और बैंक भुगतान का मिलान दुरुस्त रखें, क्योंकि प्रस्तावित सुधार अनुपालन की सुविधा देंगे, पर नियम तभी लागू होंगे जब अधिसूचित होंगे। अपने कर सलाहकार से नियमित अपडेट लेते रहें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या GST दरें बदलीं? रिपोर्ट के अनुसार इस बैठक में कोई दर परिवर्तन नहीं हुआ और दरों पर चर्चा साल में एक बैठक में होगी।
क्या ये बदलाव अभी लागू हैं? नहीं। केवल सिफारिशें हैं, लागू होने के लिए अधिसूचना जरूरी है।
वैध खरीदारों की सुरक्षा का क्या? अधिकारियों की समिति इस पर तीन महीने में रिपोर्ट देगी।
स्रोत: टैक्सजीएसटी/सीएक्लब इंडिया, कैनियरबाय की 57वीं GST काउंसिल रिपोर्ट।


