MSE-SPICE स्कीम: सर्कुलर इकोनॉमी प्रोजेक्ट के लिए कैपिटल सब्सिडी
MSE-SPICE का पूरा नाम है “MSE Scheme for Promotion and Investment in Circular Economy”। यह MSME मंत्रालय की RAMP (Raising and Accelerating MSME Performance) योजना के तहत चलने वाली उप-योजना है, जिसका उद्देश्य सूक्ष्म व लघु उद्यमों को संसाधन-कुशल, प्रदूषण-मुक्त और सर्कुलर इकोनॉमी आधारित तकनीकें अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है।
मुख्य लाभ
- पात्र सर्कुलर इकोनॉमी प्रोजेक्ट पर 25% पूंजीगत सब्सिडी, अधिकतम ₹12.5 लाख तक
- रीसाइक्लिंग, वेस्ट मैनेजमेंट, स्वच्छ उत्पादन और प्रदूषण नियंत्रण तकनीकों में निवेश पर सहायता
- संसाधनों (पानी, ऊर्जा, कच्चा माल) के बेहतर उपयोग से परिचालन लागत में कमी
पात्र क्षेत्र
- स्वच्छ/कम-उत्सर्जन विनिर्माण प्रक्रियाएं
- रीसाइक्लिंग व वेस्ट-टू-वैल्यू यूनिट
- ऊर्जा-कुशल औद्योगिक प्रक्रियाएं
- जल संरक्षण व पुनर्चक्रण प्रणाली
- टिकाऊ पैकेजिंग व प्रदूषण नियंत्रण उपकरण
पात्रता
- Udyam पोर्टल पर पंजीकृत सूक्ष्म व लघु उद्यम (माइक्रो व स्मॉल)
- विनिर्माण या सेवा क्षेत्र में सक्रिय, वैध व्यवसाय पंजीकरण
- प्रस्तावित प्रोजेक्ट में मापने योग्य पर्यावरणीय लाभ दर्शाना आवश्यक
आवश्यक दस्तावेज
- Udyam रजिस्ट्रेशन प्रमाणपत्र, PAN व प्रवर्तकों का आधार
- सस्टेनेबिलिटी उपायों पर विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट
- वित्तीय विवरण व बैंक खाता विवरण
- मशीनरी/उपकरण का कोटेशन
आवेदन कैसे करें
आवेदन RAMP योजना के आधिकारिक पोर्टल ramp.msme.gov.in पर MSE-SPICE सेक्शन के माध्यम से ऑनलाइन किया जाता है। प्रोजेक्ट रिपोर्ट व दस्तावेज अपलोड करने के बाद संबंधित प्राधिकरण द्वारा मूल्यांकन कर स्वीकृति दी जाती है।
अधिकृत स्रोत
RAMP – MSME मंत्रालय, भारत सरकार – ramp.msme.gov.in
अधिक जानकारी व सेवाओं के लिए संपर्क करें
इस योजना से जुड़ी अधिक जानकारी या संबंधित सेवाओं (जैसे आवेदन प्रक्रिया में सहायता, दस्तावेज तैयार करना, पात्रता जांच आदि) के लिए RINSON COMMERCE AND TRADE PRIVATE LIMITED से संपर्क करें।
फोन/मोबाइल: +91 7798186956
ईमेल: rinsonbusiness@gmail.com
वेबसाइट: rinsonbusiness.com
योजना का विस्तृत स्वरूप
यह योजना RAMP कार्यक्रम के अंतर्गत लॉन्च की गई तीन उप-योजनाओं में से एक है (अन्य दो हैं MSE-GIFT और विलंबित भुगतान के लिए ऑनलाइन विवाद समाधान योजना)। MSE-SPICE के तहत स्वच्छ तकनीक अपनाने वाले पात्र MSMEs को परियोजना लागत का 25% पूंजीगत सब्सिडी, अधिकतम ₹12.5 लाख तक मिलती है। इसमें रीसाइक्लिंग व वेस्ट मैनेजमेंट व्यवसाय, ऊर्जा-दक्ष निर्माण प्रक्रियाएं, जल संरक्षण प्रणालियां, टिकाऊ पैकेजिंग नवाचार, प्रदूषण नियंत्रण तकनीकें तथा संसाधनों के पुनः उपयोग व पुनर्प्राप्ति पर आधारित व्यावसायिक मॉडल जैसी परियोजनाएं पात्र मानी जाती हैं। आवेदक सूक्ष्म या लघु उद्यम श्रेणी में होना चाहिए, निर्माण या सेवा क्षेत्र में सक्रिय हो, टिकाऊ प्रथाओं को अपनाने की इच्छा प्रदर्शित करे, तथा वैध व्यावसायिक पंजीकरण व अनुपालन रिकॉर्ड बनाए रखे। आवेदन में मापने योग्य पर्यावरणीय लाभ दर्शाना आवश्यक है, तथा प्रस्तावों का मूल्यांकन संबंधित प्राधिकरण द्वारा किया जाता है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि सब्सिडी का लाभ वास्तव में पर्यावरण-अनुकूल परियोजनाओं तक पहुंचे।
MSE-GIFT के साथ संबंध
MSE-SPICE, RAMP कार्यक्रम की उसी श्रेणी की योजना MSE-GIFT (Green Investment and Financing for Transformation) के साथ मिलकर काम करती है, जिसमें GIFT योजना बड़े हरित निवेश परियोजनाओं के लिए ऋण गारंटी प्रदान करती है जबकि SPICE छोटे पूंजीगत निवेश पर सीधी सब्सिडी देती है। दोनों योजनाओं का लक्ष्य MSME क्षेत्र को कार्बन उत्सर्जन कम करने व संसाधन-दक्ष बनने के लिए प्रोत्साहित करना है, जो भारत के जलवायु लक्ष्यों के अनुरूप है। आवेदन SIDBI या संबंधित बैंक शाखा के माध्यम से किया जा सकता है।


