RAMP योजना: MSME की परफॉर्मेंस बढ़ाने के लिए ₹6,062 करोड़ का बड़ा कार्यक्रम
RAMP (Raising and Accelerating MSME Performance) योजना विश्व बैंक की सहायता से चलाई जा रही MSME मंत्रालय की केंद्रीय क्षेत्र योजना है, जिसका कुल परिव्यय ₹6,062 करोड़ है (लगभग 60% विश्व बैंक ऋण व 40% भारत सरकार का अंश)। इसका उद्देश्य MSME क्षेत्र की बाजार व ऋण तक पहुंच बेहतर बनाना, केंद्र व राज्य स्तर की संस्थाओं व शासन व्यवस्था को मजबूत करना है।
मुख्य उद्देश्य व घटक
- केंद्र-राज्य MSME कार्यक्रमों में बेहतर तालमेल व कार्यान्वयन क्षमता विकास
- देर से भुगतान (Delayed Payment) की समस्या का समाधान मजबूत करना
- महिला उद्यमिता व हरित (Green) MSME को बढ़ावा – इसी के तहत MSE-GIFT व MSE-SPICE जैसी उप-योजनाएं संचालित हैं
- ई-कॉमर्स व डिजिटल बाजार से जुड़ाव के लिए MSME-TEAM पहल
- राज्य स्तर पर MSME कारोबारी सुगमता (Ease of Doing Business) सुधार हेतु प्रोत्साहन
कौन लाभ ले सकता है
- Udyam पोर्टल पर पंजीकृत सभी श्रेणी की MSME (सूक्ष्म, लघु, मध्यम)
- राज्य सरकारें व MSME से जुड़ी संस्थाएं, जिन्हें क्षमता विकास सहायता मिलती है
आवेदन कैसे करें
RAMP की विभिन्न उप-योजनाओं (MSE-SPICE, MSE-GIFT, MSME-TEAM आदि) के लिए अलग-अलग पात्रता व आवेदन प्रक्रिया है, जो RAMP के आधिकारिक पोर्टल ramp.msme.gov.in पर विस्तार से उपलब्ध है।
अधिकृत स्रोत
MSME मंत्रालय, भारत सरकार – ramp.msme.gov.in
अधिक जानकारी व सेवाओं के लिए संपर्क करें
इस योजना से जुड़ी अधिक जानकारी या संबंधित सेवाओं (जैसे आवेदन प्रक्रिया में सहायता, दस्तावेज तैयार करना, पात्रता जांच आदि) के लिए RINSON COMMERCE AND TRADE PRIVATE LIMITED से संपर्क करें।
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ईमेल: rinsonbusiness@gmail.com
वेबसाइट: rinsonbusiness.com
बजट, समय-सीमा और लक्ष्य
RAMP कार्यक्रम को विश्व बैंक से 500 मिलियन अमेरिकी डॉलर की परिणाम-आधारित (रिजल्ट-बेस्ड) वित्तीय सहायता प्राप्त है और यह वित्त वर्ष 2022-23 से 2026-27 तक पांच वर्षों के लिए 30 जून 2022 से लागू है। दिल्ली को छोड़कर देश के सभी राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों ने इस कार्यक्रम में भागीदारी की है। इसका मुख्य उद्देश्य नवाचार को बढ़ावा देना, संचालन प्रक्रियाओं में सुधार, बाजार तक पहुंच बढ़ाना, पर्यावरणीय टिकाऊपन को प्रोत्साहित करना तथा महिला उद्यमियों के लिए गारंटी कवरेज का विस्तार करना है, साथ ही केंद्र-राज्य सहयोग को रणनीतिक निवेश योजनाओं (SIP) के माध्यम से मजबूत करना है। कार्यक्रम के तहत 5.5 लाख MSMEs को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें से अब तक 4 लाख से अधिक MSMEs को वास्तव में लाभ मिल चुका है। MSE-SPICE, MSE-GIFT (ग्रीन इन्वेस्टमेंट एंड फाइनेंसिंग) तथा विलंबित भुगतान के लिए ऑनलाइन विवाद समाधान जैसी उप-योजनाएं भी इसी RAMP कार्यक्रम के अंतर्गत लॉन्च की गई हैं, जो MSME क्षेत्र के विभिन्न पहलुओं को एक साथ मजबूत करने का प्रयास है।
राज्य स्तर पर क्रियान्वयन
RAMP कार्यक्रम के तहत हर राज्य को अपनी विशिष्ट औद्योगिक आवश्यकताओं के अनुसार रणनीतिक निवेश योजना (SIP) तैयार करनी होती है, जिसे केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद क्रियान्वित किया जाता है। महाराष्ट्र जैसे औद्योगिक रूप से अग्रणी राज्यों में इस कार्यक्रम के तहत क्लस्टर विकास, टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन व निर्यात प्रोत्साहन पर विशेष जोर दिया गया है। कार्यक्रम की परिणाम-आधारित संरचना का मतलब है कि राज्यों को धनराशि तभी मिलती है जब वे पूर्वनिर्धारित लक्ष्य (जैसे MSME पंजीकरण संख्या, ऋण वितरण या निर्यात वृद्धि) हासिल करते हैं, जिससे कार्यक्रम की जवाबदेही बढ़ती है।


