Home / Tax-Compliance
Tax-Compliance

GSTN ने शुरू की रिवर्स चार्ज सेल्फ-इनवॉइस की e-इनवॉइसिंग सुविधा: RCMDOM और RCMIMP का सैंडबॉक्स उपलब्ध

October 17, 2026 · Prashant Mankar
GSTN ने शुरू की रिवर्स चार्ज सेल्फ-इनवॉइस की e-इनवॉइसिंग सुविधा: RCMDOM और RCMIMP का सैंडबॉक्स उपलब्ध

GSTN ने 17 अक्टूबर को रिवर्स चार्ज के तहत प्राप्तकर्ता द्वारा तैयार किए जाने वाले सेल्फ-इनवॉइस के लिए ई-इनवॉइसिंग की दो सुविधाएं, RCMDOM और RCMIMP, शुरू की हैं। RCMDOM घरेलू आपूर्ति के लिए और RCMIMP आयातित सेवाओं के लिए है। सीए क्लब इंडिया के अनुसार इनका सैंडबॉक्स परीक्षण अब उपलब्ध है।

कारोबारियों को क्या करना होगा?

जिन कारोबारियों पर रिवर्स चार्ज में कर देने की जिम्मेदारी है, वे सैंडबॉक्स पर अपने सॉफ्टवेयर या ERP का परीक्षण कर सकते हैं। लागू होने की अनिवार्य तारीख और पात्रता सीमा अलग अधिसूचना से तय होगी। अभी केवल परीक्षण सुविधा उपलब्ध है।

तैयारी के सुझाव

अपने अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर प्रदाता से नई e-इनवॉइस स्कीमा के समर्थन की पूछताछ करें। रिवर्स चार्ज वाली खरीद का रिकॉर्ड अलग रखें और GSTR-3B में सही रिपोर्टिंग सुनिश्चित करें। आधिकारिक जानकारी GSTN पोर्टल पर देखें।

रिवर्स चार्ज मैकेनिज्म (RCM) क्या है

सामान्य स्थिति में GST का भुगतान वस्तु या सेवा देने वाला आपूर्तिकर्ता करता है। रिवर्स चार्ज में यह जिम्मेदारी खरीदने वाले यानी प्राप्तकर्ता पर आ जाती है। यह कुछ निर्धारित सेवाओं और वस्तुओं, जैसे अपंजीकृत आपूर्तिकर्ता से खरीद या आयातित सेवाओं, पर लागू होता है। ऐसे मामलों में प्राप्तकर्ता को खुद चालान या सेल्फ-इनवॉइस बनाना होता है और उस पर कर चुकाना होता है। GSTN ने 17 अक्टूबर को इसी सेल्फ-इनवॉइस के लिए e-इनवॉइसिंग सुविधा के दो मॉड्यूल, RCMDOM और RCMIMP, जारी किए हैं।

RCMDOM और RCMIMP का अर्थ

सीए क्लब इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार RCMDOM घरेलू आपूर्ति पर रिवर्स चार्ज के सेल्फ-इनवॉइस के लिए और RCMIMP आयातित सेवाओं पर रिवर्स चार्ज के सेल्फ-इनवॉइस के लिए है। दोनों का सैंडबॉक्स अब परीक्षण के लिए उपलब्ध है। सैंडबॉक्स एक परीक्षण वातावरण है जहां कारोबारी और सॉफ्टवेयर प्रदाता वास्तविक पोर्टल पर जाने से पहले अपने सिस्टम की जांच कर सकते हैं।

e-इनवॉइसिंग का मूल विचार

e-इनवॉइसिंग में चालान की जानकारी GST पोर्टल पर सत्यापित होती है और उसे विशिष्ट इनवॉइस रेफरेंस नंबर और QR कोड मिलता है। इससे रिटर्न में आंकड़े स्वतः आ सकते हैं और गलतियां कम होती हैं। अब रिवर्स चार्ज के लिए भी यही सुविधा दी जा रही है।

कारोबारियों को क्या करना है

सबसे पहले जांचें कि आपके कारोबार में कितना रिवर्स चार्ज वाला लेनदेन होता है। अपने अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर या ERP प्रदाता से पूछें कि क्या वे नई e-इनवॉइस स्कीमा का समर्थन कर रहे हैं। सैंडबॉक्स पर परीक्षण करने में IT टीम या सलाहकार की मदद लें। नियम लागू होने की तारीख और पात्रता सीमा अधिसूचना से ही तय होगी।

तैयारी की चेकलिस्ट

आपूर्तिकर्ताओं की पंजीकरण स्थिति का रिकॉर्ड रखें। जिन खरीदों पर रिवर्स चार्ज लागू होता है, उनकी सूची बनाएं। आयातित सेवाओं, जैसे विदेशी सॉफ्टवेयर या सलाहकार सेवाओं, के भुगतान का रिकॉर्ड रखें। रिवर्स चार्ज पर चुकाया गया कर GSTR-3B में सही खंड में दिखाएं और पात्र होने पर ITC का दावा करें।

57वीं GST काउंसिल से संबंध

8 अक्टूबर की काउंसिल बैठक में पंजीकरण, रिटर्न और रिफंड को आसान बनाने के कई प्रस्ताव आए थे। रिवर्स चार्ज e-इनवॉइसिंग उसी अनुपालन के डिजिटलीकरण की दिशा में कदम माना जा सकता है, हालांकि रिपोर्ट में इसे सीधे जोड़ा नहीं गया है।

सावधानियां

अभी केवल सैंडबॉक्स उपलब्ध है, अनिवार्य अनुपालन की घोषणा नहीं हुई है। इसलिए घबराएं नहीं, पर अपडेट पर नजर रखें। आधिकारिक GST पोर्टल और GSTN की सूचनाएं ही अंतिम स्रोत हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

नई सुविधा क्या है? रिवर्स चार्ज सेल्फ-इनवॉइस के लिए e-इनवॉइस मॉड्यूल।

कब से अनिवार्य? रिपोर्ट में तारीख नहीं दी गई।

क्या सैंडबॉक्स सभी के लिए है? परीक्षण के लिए उपलब्ध बताया गया है।

स्रोत: सीए क्लब इंडिया (17 अक्टूबर 2026)।

📲
रोजच्या सरकारी योजना व बिझनेस अपडेट्स मोफत मिळवा!
आमच्या "उद्योग मार्गदर्शन" WhatsApp चॅनेलला जॉईन करा
चॅनेल जॉईन करा
MIDC Industrial Plot Complete Guide E-Book Mahilansathi Pramukh Sarkari Yojana E-Book