SAKSHAM NUDGE: CBDT ने 12,000 टैक्स प्रोफेशनल्स को भेजा रिमाइंडर, ऑडिट रिपोर्ट की अंतिम तारीख 21 अक्टूबर
आयकर विभाग ने SAKSHAM NUDGE अभियान के तहत उन करीब 12,000 टैक्स प्रोफेशनल्स, जिनमें चार्टर्ड अकाउंटेंट शामिल हैं, को SMS और ईमेल रिमाइंडर भेजे हैं जिन्होंने पिछले साल की तुलना में AY 2026-27 के लिए 50% से कम टैक्स ऑडिट रिपोर्ट (फॉर्म 3CD) दाखिल की हैं। टैक्सजीएसटी की 15 अक्टूबर की रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।
कितनी रिपोर्ट दाखिल हुईं?
विभाग के अनुसार अब तक 19.5 लाख से अधिक ऑडिट रिपोर्ट दाखिल हो चुकी हैं, लेकिन “बड़ी संख्या” में रिपोर्ट अब भी लंबित हैं। अभियान पहले करदाताओं को नज देने के लिए इस्तेमाल हुआ था और अब प्रोफेशनल्स तक बढ़ाया गया है।
अंतिम तारीख क्या है?
CBDT के सर्कुलर 07/2026 के अनुसार टैक्स ऑडिट रिपोर्ट की तारीख 30 सितंबर से बढ़ाकर 21 अक्टूबर 2026 की गई थी। रिपोर्ट के मुताबिक आगे और विस्तार की कोई घोषणा नहीं है। ऑडिट वाले करदाताओं का ITR 21 नवंबर तक भरा जा सकता है।
व्यापारी क्या करें?
अपने सीए से रिपोर्ट की स्थिति पूछें, खातों और दस्तावेज तैयार रखें और ई-फाइलिंग पोर्टल पर अपने CA के लिए नियुक्ति स्वीकार रखें। देर पर धारा 271B के तहत जुर्माना लग सकता है। आधिकारिक अधिसूचना incometax.gov.in पर देखें।
SAKSHAM NUDGE अभियान क्या है
आयकर विभाग का नज अभियान करदाताओं को एसएमएस और ईमेल के जरिए यह याद दिलाने की पहल है कि उनकी रिपोर्ट, घोषणाएं या कर संबंधी कार्रवाई लंबित है। इसे कर अनुपालन बढ़ाने का आसान तरीका माना जाता है, क्योंकि नोटिस की जगह एक विनम्र अनुस्मारक भेजा जाता है। टैक्सजीएसटी की रिपोर्ट के अनुसार पहले करदाताओं तक सीमित यह अभियान अब टैक्स प्रोफेशनल्स तक बढ़ाया गया है। विभाग ने उनकी भूमिका को अनुपालन के लिए अहम बताया है।
12,000 प्रोफेशनल्स को ही क्यों भेजा गया संदेश
रिपोर्ट के अनुसार जिन प्रोफेशनल्स ने पिछले साल की तुलना में चालू साल यानी AY 2026-27 में 50% से कम टैक्स ऑडिट रिपोर्ट दाखिल की हैं, उनके पास यह रिमाइंडर भेजा गया। इसका मकसद अंतिम तारीख से पहले लंबित रिपोर्टों में तेजी लाना है। 19.5 लाख से अधिक ऑडिट रिपोर्ट दाखिल हो चुकी हैं, पर बड़ी संख्या में रिपोर्ट बाकी हैं।
अंतिम तारीख 21 अक्टूबर
CBDT सर्कुलर 07/2026 के अनुसार टैक्स ऑडिट रिपोर्ट की अंतिम तारीख 30 सितंबर से बढ़कर 21 अक्टूबर 2026 हुई है। रिपोर्ट के अनुसार इसके बाद और विस्तार की घोषणा नहीं है। इसलिए अब जो भी बाकी रिपोर्ट हैं, उन्हें तेजी से पूरा करना होगा।
ऑडिट वाले करदाताओं के लिए अगला कदम
रिपोर्ट जमा होने के बाद ITR फाइल करना होता है। ऑडिट वाले करदाताओं के लिए ITR की तारीख अब 21 नवंबर है। इस बीच देनदारियां, अग्रिम कर और TDS के आंकड़े सत्यापित कर लें ताकि रिटर्न में विसंगति न हो।
देरी की स्थिति में जोखिम
रिपोर्ट में बताया गया कि धारा 271B में टर्नओवर का 0.5% या अधिकतम ₹1,50,000 का जुर्माना हो सकता है। इसके अलावा ITR में देरी पर ब्याज, लेट फीस और कुछ कटौतियों का नुकसान हो सकता है। इसलिए देरी से बचना बेहतर है।
व्यापारी अपने सीए से क्या पूछें
पूछें कि क्या आपकी रिपोर्ट अब तक तैयार है, कौन से दस्तावेज बाकी हैं, क्या कोई विसंगति मिली है, और रिपोर्ट कब तक पोर्टल पर अपलोड होगी। ई-फाइलिंग पोर्टल पर अपने सीए की नियुक्ति स्वीकार करें और अपनी तरफ से जरूरी जानकारी समय पर भेजें।
प्रोफेशनल्स के लिए सुझाव
पोर्टल पर अंतिम दिनों में भीड़ के कारण तकनीकी दिक्कतें आ सकती हैं। प्रोफेशनल अपने क्लाइंट की रिपोर्ट पहले से तैयार रखें, डिजिटल हस्ताक्षर की वैधता जांचें और अपलोड के लिए समय का बफर रखें। फॉर्म 3CD के सभी खंड सही भरें, क्योंकि त्रुटियों से बाद में सुधार की जरूरत पड़ती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या नज संदेश नोटिस है? नहीं, यह अनुस्मारक है।
क्या सभी करदाताओं को संदेश मिलेगा? इस मामले में रिपोर्ट के अनुसार प्रोफेशनल्स को।
रिपोर्ट कहां दाखिल होती है? आयकर ई-फाइलिंग पोर्टल पर।
स्रोत: टैक्सजीएसटी.इन (15 अक्टूबर 2026)।


