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Sensex Nifty Today 12 October 2026: सेंसेक्स 548 अंक टूटकर 71,924 पर, निफ्टी 22,363 पर बंद

October 12, 2026 · Prashant Mankar
Sensex Nifty Today 12 October 2026: सेंसेक्स 548 अंक टूटकर 71,924 पर, निफ्टी 22,363 पर बंद

Sensex Nifty Today 12 October 2026: सप्ताह की शुरुआत भारतीय शेयर बाजार के लिए कमजोर रही। बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के अनुसार सेंसेक्स 547.65 अंक (0.76%) गिरकर 71,924.68 पर और निफ्टी 157.10 अंक (0.70%) टूटकर 22,363.35 पर बंद हुआ। शुक्रवार को बाजार ने जो तेजी दिखाई थी, उसका बड़ा हिस्सा सोमवार को वापस चला गया। सुबह के कारोबार में बाजार हल्की बढ़त के साथ चल रहा था, लेकिन बाद में बिकवाली हावी हो गई।

सुबह की शुरुआत और दिन के दौरान उतार-चढ़ाव

सुबह करीब 9:50 बजे सेंसेक्स 72,349.54 पर और निफ्टी 22,514.50 पर था, यानी मामूली गिरावट के साथ कारोबार हो रहा था, जबकि शुक्रवार का बंद क्रमशः 72,472.33 और 22,520.45 था। रुपया 95.75 प्रति डॉलर पर खुला, जबकि पिछला बंद 96.73 था, यानी शुरुआत में रुपये को सहारा मिला। वैश्विक संकेत सकारात्मक थे: अमेरिकी वायदा, ऑस्ट्रेलिया, हांगकांग और यूरोप के सूचकांकों में बढ़त थी, और रूस से आपूर्ति बढ़ने की खबरों से कच्चे तेल में नरमी आई।

पर रिपोर्ट के अनुसार दिन के दौरान सेंसेक्स अपने उच्चतम स्तर से 1,200 अंक से अधिक नीचे आ गया था। यानी बाजार में तेज उतार-चढ़ाव रहा और शुरुआती खरीदारी बिकवाली में बदल गई। इसके पीछे कई कारक बताए गए।

गिरावट के कारण

पहला कारण सरकारी बॉन्ड की 10 साल की यील्ड में बढ़ोतरी है, जो शेयरों के मूल्यांकन पर दबाव डालती है। जब बॉन्ड पर रिटर्न बढ़ता है तो निवेशक शेयरों की तुलना में बॉन्ड को अधिक आकर्षक मानने लगते हैं। दूसरा कारण विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार निकासी है। तीसरा कारण मध्य-पूर्व में बढ़ता तनाव और कमजोर वैश्विक संकेत हैं। चौथा कारण मुनाफावसूली है, जो पिछले कारोबारी दिन की तेजी के बाद बढ़ी।

सेक्टर और चुनिंदा शेयर

बाजार चौड़ाई मिश्रित रही। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.08% और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 1.42% चढ़ा, जबकि मीडिया इंडेक्स सबसे बड़ा सेक्टोरल गेनर रहा। मीडिया, ऑटो, रियल्टी और धातु के शेयर मजबूत रहे, जबकि पीएसयू बैंक, आईटी, एफएमसीजी और निजी बैंकों में दबाव दिखा। एफएमसीजी और पीएसयू बैंक इंडेक्स सबसे कमजोर रहे।

सुजलॉन एनर्जी का शेयर 4.4% चढ़कर ₹39.31 पर पहुँचा। कंपनी की तीन एआई-आधारित ब्लेड फैक्ट्रियों पर लगभग ₹550 करोड़ के निवेश की योजना की चर्चा रही। एयरोफ्लेक्स इंडस्ट्रीज बीएसई पर 15% उछलकर ₹599.70 के नए उच्चतम स्तर पर पहुँचा, क्योंकि कंपनी ने विस्तार योजनाओं की घोषणा की। आईआरएफसी लगभग 4% चढ़ा, क्योंकि अंतरिम लाभांश की घोषणा की उम्मीद थी। 63 मून्स टेक्नोलॉजीज 12% बढ़कर ₹860.30 पर पहुँचा, क्योंकि उसकी एक सहायक कंपनी ने वित्त वर्ष 2027 का मार्गदर्शन बढ़ाया।

कैनरा एचएसबीसी लाइफ इंश्योरेंस का दूसरी तिमाही का शुद्ध लाभ 5.6% बढ़कर ₹43.1 करोड़ रहा और उसके शेयर 3.5% चढ़कर ₹144.05 पर पहुँचे। इसी दिन देर शाम सितंबर की खुदरा महँगाई 5.54% आने और एचसीएलटेक के नतीजे आने की खबरें भी बाजार की नजर में रहीं।

तकनीकी विश्लेषण

एचडीएफसी सिक्योरिटीज के अनुसार निफ्टी ने शुक्रवार की ज्यादातर बढ़त गँवा दी और एक लंबी बेयर कैंडल बनाई, जिससे हालिया निचले स्तर 22,180 के दोबारा परीक्षण का जोखिम बना है। अगर निफ्टी निर्णायक रूप से 22,200 से नीचे बंद होता है तो गिरावट 21,700 तक जा सकती है, जबकि ऊपर की ओर प्रतिरोध 22,600 के आसपास है। ये स्तर संभावित मार्गदर्शक हैं, गारंटी नहीं।

निवेशकों के लिए सलाह

पीएल कैपिटल के विश्लेषकों के अनुसार बुनियादी रूप से मजबूत कंपनियों को प्राथमिकता देना और नई खरीदारी चरणों में करना बेहतर रहेगा, जब तक कमाई की दृश्यता और बाजार चौड़ाई में सुधार न हो। अस्थिर बाजार में लीवरेज से बचें, अपनी निवेश अवधि के अनुसार पोर्टफोलियो रखें और खबरों पर तुरंत प्रतिक्रिया देने से बचें। यह भी ध्यान रखें कि दर वृद्धि और ऊँची महँगाई के माहौल में बाजार कुछ समय अस्थिर रह सकता है।

बाजार की चाल को समझने का तरीका

शेयर बाजार की दैनिक चाल कई कारकों का मिला-जुला नतीजा होती है। इनमें घरेलू आर्थिक आंकड़े, कंपनियों के तिमाही नतीजे, विदेशी निवेशकों की खरीद-बिक्री, डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति और वैश्विक बाजारों के संकेत शामिल हैं। सेंसेक्स और निफ्टी जैसे सूचकांक देश की बड़ी कंपनियों के प्रदर्शन का आईना होते हैं, लेकिन व्यापक बाजार की सेहत जानने के लिए बैंक निफ्टी, मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों को भी देखना चाहिए।

तकनीकी विश्लेषक सपोर्ट और रेसिस्टेंस स्तरों पर नजर रखते हैं, जबकि बुनियादी विश्लेषण करने वाले निवेशक कंपनी की कमाई, कर्ज और भविष्य की संभावनाओं पर ध्यान देते हैं। दोनों दृष्टिकोणों का अपना महत्व है, पर कोई भी तरीका सौ फीसदी सटीक नहीं होता। इसलिए निवेशकों को अपने फैसले केवल एक दिन की खबर पर आधारित करने के बजाय लंबी अवधि के लक्ष्यों के अनुरूप लेने चाहिए।

सतर्कता क्यों जरूरी है

मौजूदा माहौल में भू-राजनीतिक तनाव, तेल की कीमतें और ब्याज दरों की दिशा जैसे कई जोखिम मौजूद हैं। ऐसे में डेरिवेटिव या उधार लेकर ट्रेडिंग करना खास तौर पर जोखिम भरा हो सकता है। नए निवेशकों को चाहिए कि वे पहले बुनियादी बातें समझें, छोटी रकम से शुरुआत करें और केवल उतना ही पैसा बाजार में लगाएं जिसे वे जोखिम में डाल सकते हैं।

स्रोत: बिजनेस स्टैंडर्ड (12 अक्टूबर 2026 का बाजार समापन) और कोटक नियो का सुबह का अपडेट। यह लेख निवेश सलाह नहीं है।

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