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HCLTech Q2 FY27 Results: लाभ 21.2% बढ़कर ₹5,132 करोड़, AI आय 78% उछली, ₹12 लाभांश और गाइडेंस में सुधार

October 12, 2026 · Prashant Mankar
HCLTech Q2 FY27 Results: लाभ 21.2% बढ़कर ₹5,132 करोड़, AI आय 78% उछली, ₹12 लाभांश और गाइडेंस में सुधार

HCLTech Q2 FY27 Results: आईटी सेवा कंपनी एचसीएल टेक्नोलॉजीज (HCLTech) ने सितंबर 2026 की तिमाही के नतीजों में मजबूत प्रदर्शन दिखाया है। फ्री प्रेस जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार कंपनी का शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 21.2% बढ़कर ₹5,132 करोड़ रहा, जबकि पिछली तिमाही (जून) के ₹4,626 करोड़ की तुलना में यह लगभग 11% अधिक है। कंपनी ने ₹12 प्रति शेयर का अंतरिम लाभांश भी घोषित किया और वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राजस्व वृद्धि का मार्गदर्शन बढ़ा दिया।

राजस्व और मार्जिन

परिचालन से राजस्व ₹35,620 करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान तिमाही से 11.5% और पिछली तिमाही के ₹34,579 करोड़ से 3% अधिक है। कंपनी का ईबीआईटी मार्जिन 18.2% रहा, जो पिछली तिमाही से 131 आधार अंक और पिछले साल से 71 आधार अंक ज्यादा है। यह इसलिए अहम है कि टीसीएस के नतीजों में मार्जिन पर दबाव दिखा था, जबकि एचसीएलटेक ने मार्जिन सुधार दिखाया।

एआई कारोबार में तेज उछाल

कंपनी की एडवांस्ड एआई आय $21.9 करोड़ (यानी $219 मिलियन) रही, जो पिछली तिमाही से 28.4% और पिछले साल से 78% अधिक है। यह आँकड़ा बताता है कि आईटी कंपनियाँ ग्राहकों की एआई-आधारित परियोजनाओं से तेजी से कमाई बढ़ा रही हैं। हालाँकि एचसीएलटेक की एआई आय का आकार टीसीएस की तुलना में छोटा है, पर उसकी वृद्धि दर काफी तेज है।

सौदों की मजबूत पाइपलाइन

तिमाही में कंपनी को शुद्ध नए सौदों में $3.24 अरब के ठेके मिले, जिनमें मर्सिडीज-बेंज का $1.14 अरब का एक एआई अनुबंध भी शामिल है। कुल नई बुकिंग सालाना 27% बढ़कर लगभग $3.3 अरब रही और पहली छमाही की बुकिंग रिकॉर्ड स्तर पर पहुँची। बड़े अनुबंध भविष्य के राजस्व की दृश्यता बढ़ाते हैं, इसलिए निवेशक इस आँकड़े को बहुत ध्यान से देखते हैं।

मार्गदर्शन में सुधार

कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राजस्व वृद्धि का अनुमान पहले के 1-4% से बढ़ाकर 2.5-4% कर दिया, जबकि परिचालन मार्जिन का मार्गदर्शन 17.5-18.5% पर बरकरार रखा। निचली सीमा बढ़ाने का मतलब है कि प्रबंधन को आने वाली तिमाहियों में अपेक्षाकृत बेहतर मांग का भरोसा है। रिपोर्ट में लाभांश की रिकॉर्ड तारीख और सेगमेंट-वार विवरण नहीं दिए गए हैं।

रिपोर्ट के साथ एक संबंधित शीर्षक में कंपनी द्वारा लगभग 6,450 कर्मचारी जोड़ने और 2.3 लाख के रिकॉर्ड कर्मचारी आधार का उल्लेख था, लेकिन लेख की मुख्य सामग्री में इसकी पुष्टि नहीं थी, इसलिए इस आँकड़े को आधिकारिक कंपनी फाइलिंग से सत्यापित करना बेहतर होगा। रिपोर्ट एजेंसी फीड (आईएएनएस) पर आधारित है।

टीसीएस बनाम एचसीएलटेक: किसने बाजी मारी

टीसीएस ने ₹73,188 करोड़ राजस्व और ₹13,884 करोड़ लाभ दर्ज किया, जो एचसीएलटेक के मुकाबले बहुत बड़ा है, पर वृद्धि के लिहाज से एचसीएलटेक का लाभ 21.2% बनाम टीसीएस के करीब 15% के साथ तेज रहा। मार्जिन के मोर्चे पर टीसीएस का ईबीआईटीडीए मार्जिन 25.70% रहा, जो एक साल पहले से घटा, जबकि एचसीएलटेक का ईबीआईटी मार्जिन बढ़ा। दोनों कंपनियों में एआई आय और मजबूत सौदा पाइपलाइन साझा सकारात्मक बिंदु हैं।

निवेशकों के लिए संकेत

आईटी क्षेत्र इस साल दबाव में रहा है और टीसीएस का शेयर लगभग 34% गिर चुका है। ऐसे में एचसीएलटेक के अच्छे नतीजे और मार्गदर्शन में सुधार क्षेत्र के लिए सकारात्मक संकेत हैं। हालाँकि रुपये की कमजोरी से डॉलर आय का फायदा मिलता है, पर अमेरिकी मांग, एआई से स्वचालन का असर और वीजा नीति जैसे जोखिम बने हुए हैं। निवेशक केवल एक तिमाही पर निर्भर रहने के बजाय कंपनी की दीर्घकालिक रणनीति, ग्राहक विविधता और कर्मचारी उपयोग को देखें।

आने वाले दिनों में विप्रो (15 अक्टूबर) और इंफोसिस के नतीजे क्षेत्र की दिशा की पुष्टि करेंगे। अगर उनमें भी मांग और सौदों की मजबूती दिखी तो आईटी शेयरों में सुधार का दौर टिक सकता है।

आईटी सेक्टर के लिए इन नतीजों का संदेश

भारतीय आईटी कंपनियों के तिमाही नतीजे आम तौर पर पूरे उद्योग की सेहत का संकेत देते हैं। निवेशक राजस्व वृद्धि, ऑपरेटिंग मार्जिन, नए बड़े सौदों की संख्या, कर्मचारियों की छंटनी या भर्ती और एट्रिशन दर जैसे पैमानों पर बारीकी से नजर रखते हैं। डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी से निर्यात आधारित आईटी कंपनियों की कमाई को सहारा मिलता है, जबकि अमेरिका और यूरोप में मांग की सुस्ती उनके लिए चुनौती बन सकती है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्लाउड सेवाओं पर बढ़ता खर्च कंपनियों के लिए नए अवसर भी खोल रहा है, लेकिन साथ ही पारंपरिक सेवाओं पर कीमतों का दबाव भी बना हुआ है। निवेशकों को चाहिए कि वे किसी एक तिमाही के आंकड़े के बजाय कंपनी की मध्यम अवधि की रणनीति और ऑर्डर बुक की मजबूती को परखें।

निवेश से पहले क्या देखें

शेयर खरीदने से पहले कंपनी के प्रबंधन की भविष्य की टिप्पणी यानी गाइडेंस, मूल्यांकन और प्रतिस्पर्धी कंपनियों से तुलना जरूर करें। यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है और इसे निवेश की सलाह न समझा जाए।

स्रोत: फ्री प्रेस जर्नल (आईएएनएस फीड, 12 अक्टूबर 2026)। आँकड़े एजेंसी रिपोर्ट के अनुसार हैं; सटीक जानकारी के लिए कंपनी की एक्सचेंज फाइलिंग देखें। यह लेख निवेश सलाह नहीं है।

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