Home / Business News
Business News

Gold Silver Price Today: सोना ₹1,49,480 और चांदी ₹2,21,100, एक महीने में सोना 2.4% व चांदी 7.5% सस्ती

October 9, 2026 · Prashant Mankar
Gold Silver Price Today: सोना ₹1,49,480 और चांदी ₹2,21,100, एक महीने में सोना 2.4% व चांदी 7.5% सस्ती

Gold Silver Price 8 October 2026: पिछले एक सप्ताह में सोने और चांदी की कीमतों में नरमी दिखी है। स्टार्टअपटॉल्की के आँकड़ों के अनुसार 8 अक्टूबर की शाम को 24 कैरेट सोना ₹1,49,480 प्रति 10 ग्राम (दिन में ₹210 या 0.14% ऊपर) और चांदी ₹2,21,100 प्रति किलो (दिन में ₹2,500 या 1.12% नीचे) रही। 22 कैरेट सोने का भाव लगभग ₹1,37,023 प्रति 10 ग्राम बताया गया। यानी सोना मामूली चढ़ा जबकि चांदी में गिरावट रही।

एक दिन, एक सप्ताह, एक महीना और एक साल: तुलना

एक दिन पहले, 7 अक्टूबर को 24 कैरेट सोना लगभग ₹1,49,270 और चांदी ₹2,23,600 पर थी। एक सप्ताह पहले, 1 अक्टूबर को सोना ₹1,50,540 और चांदी ₹2,26,570 के आसपास थी। इसका अर्थ है कि एक सप्ताह में सोना करीब 0.70% और चांदी लगभग 2.41% सस्ती हुई। एक महीना पहले, 8 सितंबर को सोना ₹1,53,150 और चांदी ₹2,39,130 पर थी, यानी सोना करीब 2.40% और चांदी लगभग 7.54% नीचे आ चुकी है।

दूसरी ओर, एक साल पहले (8 अक्टूबर 2025) सोना ₹1,23,430 और चांदी ₹1,50,100 पर थी। तब से सोना करीब 21.11% और चांदी लगभग 47.30% चढ़ चुकी है। यह तस्वीर बताती है कि लंबी अवधि में कीमती धातुएँ निवेशकों के लिए अच्छा रिटर्न देती रही हैं, भले ही हाल के हफ्तों में कुछ करेक्शन आया हो। चांदी की चाल सोने से ज्यादा तेज रहती है, इसलिए उसमें गिरावट और तेजी दोनों बड़ी दिखती हैं।

वैश्विक बाजार का असर

रिपोर्ट के अनुसार कॉमेक्स चांदी 1.81% गिरकर लगभग $59.21 प्रति औंस पर आ गई, जबकि कॉमेक्स सोना 0.38% चढ़कर करीब $4,156 प्रति औंस पर था। बुलियन विश्लेषकों के अनुसार चांदी पर दबाव की वजह मजबूत डॉलर और ऊँची बॉन्ड यील्ड है। जब डॉलर मजबूत होता है तो डॉलर में कीमत वाली वस्तुएँ दूसरी मुद्राओं में महँगी हो जाती हैं और मांग घट सकती है।

9 अक्टूबर की बाजार रिपोर्ट में कहा गया कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व की अक्टूबर बैठक में दर वृद्धि की संभावना घटने से सोने को सहारा मिल सकता है। मिराए एसेट ने निकट अवधि में सोने के लिए $4,030 से $4,225 प्रति औंस का दायरा बताया है। इस दायरे के भीतर रहने पर घरेलू कीमत मुख्यतः रुपये की चाल और स्थानीय मांग से तय होगी।

भारत में कीमतों पर रुपये की भूमिका

भारत में सोने की कीमत अंतरराष्ट्रीय भाव, रुपये की विनिमय दर, आयात शुल्क और जीएसटी का मिश्रण होती है। रुपया डॉलर के मुकाबले करीब 96 के आसपास होने से घरेलू सोना ज्यादा महँगा बना हुआ है। अगर रुपये में सुधार आए या अंतरराष्ट्रीय भाव गिरें, तो घरेलू कीमतों में भी राहत मिल सकती है। इसी कारण सोना खरीदने से पहले केवल अंतरराष्ट्रीय भाव ही नहीं, बल्कि रुपये की स्थिति भी देखनी चाहिए।

त्योहारी खरीदारी की रणनीति

धनतेरस और दिवाली नजदीक आ रहे हैं, इसलिए ज्वेलर्स और खरीदारों दोनों की निगाह कीमतों पर है। जो लोग त्योहार पर गहने खरीदने की योजना बना रहे हैं, वे एक साथ पूरी खरीद करने के बजाय चरणों में खरीदारी पर विचार कर सकते हैं। कीमत गिरने पर थोड़ी खरीद और भाव बढ़ने पर रुक जाना जोखिम को संतुलित करता है। हमेशा बीआईएस हॉलमार्क वाला सोना लें और बिल में शुद्धता, वजन, मेकिंग चार्ज तथा जीएसटी का स्पष्ट उल्लेख करवाएँ।

निवेश के लिए सोना चाहने वाले लोग भौतिक सोने की जगह गोल्ड ईटीएफ या अन्य डिजिटल विकल्प देख सकते हैं, जिनमें शुद्धता और भंडारण की चिंता कम होती है। हर विकल्प की लागत, कर नियम और तरलता अलग होती है, इसलिए निवेश से पहले उनकी तुलना करें। अपने कुल निवेश का केवल एक सीमित हिस्सा सोने-चांदी में रखना आम तौर पर संतुलित रणनीति मानी जाती है।

चांदी में निवेश के जोखिम

चांदी की कीमतें औद्योगिक मांग से भी जुड़ी हैं, जैसे सौर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक वाहन। जब वैश्विक वृद्धि पर चिंता बढ़ती है या डॉलर मजबूत होता है, तो चांदी में तेज गिरावट देखी जा सकती है, जैसे पिछले एक महीने में 7.54% की कमी दिखी। इसलिए चांदी में निवेश करते समय बड़े उतार-चढ़ाव के लिए तैयार रहें और उतनी ही राशि लगाएँ जिसे आप लंबे समय तक रोक सकें।

सोने-चांदी में निवेश से पहले

सोने-चांदी की कीमतें वैश्विक मांग, डॉलर की मजबूती, ब्याज दरों और भू-राजनीतिक तनाव से प्रभावित होती हैं। भारत में त्योहारी और शादी का सीजन मांग बढ़ाता है, जिससे घरेलू भाव में अंतर दिख सकता है। खरीदते समय शुद्धता, हॉलमार्क और मेकिंग चार्ज जरूर जांचें।

निवेश के विकल्प

भौतिक सोने के अलावा गोल्ड ईटीएफ, सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड और डिजिटल गोल्ड जैसे विकल्प उपलब्ध हैं, जिनकी लागत, तरलता और कर नियम अलग-अलग होते हैं। पोर्टफोलियो का सीमित हिस्सा ही सोने में रखने की सलाह आमतौर पर दी जाती है। भाव लगातार बदलते हैं, इसलिए खरीद से पहले ताजा दर देखें।

स्रोत: स्टार्टअपटॉल्की (8 अक्टूबर 2026 के सोना-चांदी भाव), बिजनेस स्टैंडर्ड की 9 अक्टूबर की बाजार रिपोर्ट। भाव शहर और ज्वेलर के अनुसार भिन्न हो सकते हैं। यह लेख निवेश सलाह नहीं है।

📲
रोजच्या सरकारी योजना व बिझनेस अपडेट्स मोफत मिळवा!
आमच्या "उद्योग मार्गदर्शन" WhatsApp चॅनेलला जॉईन करा
चॅनेल जॉईन करा
MIDC Industrial Plot Complete Guide E-Book Mahilansathi Pramukh Sarkari Yojana E-Book