नेशनल SC-ST हब योजना: SC/ST उद्यमियों के लिए मशीनरी पर ₹25 लाख तक सब्सिडी
नेशनल SC-ST हब, MSME मंत्रालय की एक प्रमुख सुविधा (Facilitation) योजना है, जिसे राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम (NSIC) द्वारा क्रियान्वित किया जाता है। इसका उद्देश्य अनुसूचित जाति (SC) व अनुसूचित जनजाति (ST) उद्यमियों को हैंडहोल्डिंग सहायता देकर उन्हें सार्वजनिक खरीद नीति के तहत 4% आरक्षित खरीद लक्ष्य व अन्य सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ दिलाना है।
मुख्य लाभ
- Udyam व GeM पोर्टल पर पंजीकरण में सहायता व मार्गदर्शन
- स्पेशल क्रेडिट लिंक्ड कैपिटल सब्सिडी स्कीम (SCLCSS) के माध्यम से मशीनरी पर 25% तक, अधिकतम ₹25 लाख तक की पूंजीगत सब्सिडी दिलाने में सहयोग
- व्यापार मेलों, प्रदर्शनियों व B2B मीट में भागीदारी हेतु मार्केटिंग सहायता
- मेंटरशिप, कौशल विकास प्रशिक्षण के दौरान वित्तीय सहायता/स्टाइपेंड
- क्रेडिट गारंटी व अन्य ऋण योजनाओं (CGTMSE, मुद्रा) तक पहुंच में मदद
- एकल खिड़की (Single Window) के रूप में सभी संबंधित योजनाओं की जानकारी व सहायता
पात्रता
- उद्यम पूर्णतः SC/ST उद्यमी के स्वामित्व व प्रबंधन में होना चाहिए
- Udyam पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य
आवेदन कैसे करें
इच्छुक उद्यमी scsthub.in पोर्टल पर पंजीकरण कर हब से जुड़ सकते हैं, जिसके बाद संबंधित योजनाओं के लिए आवेदन प्रक्रिया में मार्गदर्शन व सहायता प्रदान की जाती है।
अधिकृत स्रोत
राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम (NSIC), MSME मंत्रालय – scsthub.in
अधिक जानकारी व सेवाओं के लिए संपर्क करें
इस योजना से जुड़ी अधिक जानकारी या संबंधित सेवाओं (जैसे आवेदन प्रक्रिया में सहायता, दस्तावेज तैयार करना, पात्रता जांच आदि) के लिए RINSON COMMERCE AND TRADE PRIVATE LIMITED से संपर्क करें।
फोन/मोबाइल: +91 7798186956
ईमेल: rinsonbusiness@gmail.com
वेबसाइट: rinsonbusiness.com
वित्तीय लाभों का विस्तृत विवरण
इस योजना के तहत टर्म लोन पर पूंजीगत सब्सिडी (SCLCSS) के रूप में 25% तक, अधिकतम ₹25 लाख (₹1 करोड़ तक के लोन पर) की सहायता मिलती है। इसके अलावा लोन प्रोसेसिंग फीस पर 80% तक (अधिकतम ₹1 लाख), परफॉर्मेंस बैंक गारंटी (PBG) शुल्क पर 80% तक (अधिकतम ₹1 लाख), वार्षिक टेस्टिंग फीस पर 80% तक (अधिकतम ₹1 लाख) तथा प्रशिक्षण पर 90% तक (अधिकतम ₹1 लाख) की प्रतिपूर्ति मिलती है। अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में भाग लेने के लिए मार्केटिंग सहायता प्रति आयोजन ₹3 लाख तक उपलब्ध है। यह योजना SC/ST-स्वामित्व वाले निर्माण व सेवा क्षेत्र के MSMEs को लक्षित करती है, जिनमें MSME पंजीकरण की ओर बढ़ रहे स्टार्टअप तथा विस्तार/आधुनिकीकरण की योजना बना रहे उद्यम भी शामिल हैं। योजना वित्त वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक ₹588 करोड़ के कुल आवंटन के साथ लागू है, और सरकारी खरीद व GeM पोर्टल पर भागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर देती है ताकि SC/ST उद्यमियों को घरेलू व अंतरराष्ट्रीय बाजारों में समान अवसर मिल सकें।
आवेदन के लिए आवश्यक कदम
National SC-ST Hub योजना का लाभ लेने के लिए scsthub.in पोर्टल पर पंजीकरण करना पहला कदम है, जिसके बाद संबंधित राज्य के MSME-DI कार्यालय के जरिए दस्तावेज सत्यापन होता है। पूंजीगत सब्सिडी के लिए बैंक से टर्म लोन स्वीकृत होना आवश्यक है, इसके बाद सब्सिडी का दावा बैंक के माध्यम से किया जाता है। यह योजना विशेष रूप से उन SC/ST उद्यमियों के लिए फायदेमंद है जो अपने व्यवसाय का आधुनिकीकरण करना चाहते हैं या पहली बार सरकारी खरीद प्रणाली (GeM) में प्रवेश करना चाहते हैं, क्योंकि योजना में GeM पंजीकरण के लिए विशेष हैंडहोल्डिंग सहायता भी शामिल है।


