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खादी ग्रामोद्योग विकास योजना: कारीगरों को मार्केटिंग सहायता और 4% ब्याज पर लोन

September 5, 2026 · Prashant Mankar
खादी ग्रामोद्योग विकास योजना: कारीगरों को मार्केटिंग सहायता और 4% ब्याज पर लोन

खादी एवं ग्रामोद्योग विकास योजना खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) द्वारा संचालित एक प्रमुख योजना है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन, खादी कारीगरों की आय बढ़ाना और पारंपरिक ग्रामोद्योग उत्पादों (हस्तनिर्मित कागज, ग्रामोद्योग साबुन, शहद, चमड़ा उत्पाद आदि) को बढ़ावा देना है।

मुख्य लाभ

पात्रता

आवश्यक दस्तावेज

आवेदन कैसे करें

आवेदन नजदीकी KVIC राज्य/मंडल कार्यालय या मान्यता प्राप्त खादी संस्था के माध्यम से किया जाता है। MDA दावे संबंधित खादी संस्था द्वारा KVIC पोर्टल के जरिए ऑनलाइन दाखिल किए जाते हैं।

अधिकृत स्रोत

खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (KVIC), MSME मंत्रालय – kvic.gov.in

अधिक जानकारी व सेवाओं के लिए संपर्क करें

इस योजना से जुड़ी अधिक जानकारी या संबंधित सेवाओं (जैसे आवेदन प्रक्रिया में सहायता, दस्तावेज तैयार करना, पात्रता जांच आदि) के लिए RINSON COMMERCE AND TRADE PRIVATE LIMITED से संपर्क करें।
फोन/मोबाइल: +91 7798186956
ईमेल: rinsonbusiness@gmail.com
वेबसाइट: rinsonbusiness.com

अतिरिक्त सहायता और आवेदन प्रक्रिया

इस योजना के तहत खादी संस्थाओं व कारीगरों को कार्यशील पूंजी ऋण पर ब्याज सब्सिडी के अलावा, नई मशीनरी व उपकरण खरीदने के लिए पूंजीगत निवेश सहायता भी मिलती है, जिससे उत्पादन क्षमता व गुणवत्ता में सुधार होता है। मार्केट डेवलपमेंट असिस्टेंस (MDA) के अंतर्गत मिलने वाली राशि का एक बड़ा हिस्सा सीधे कारीगर के बैंक खाते में हस्तांतरित किया जाता है, जिससे बिचौलियों की भूमिका कम होती है। खादी उत्पादों की बिक्री बढ़ाने के लिए KVIC द्वारा देशभर में खादी प्रदर्शनियों, बिक्री केंद्रों व ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर लिस्टिंग को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। इच्छुक कारीगर या खादी संस्था अपने क्षेत्र के राज्य खादी बोर्ड कार्यालय या KVIC की वेबसाइट (kviconline.gov.in) के माध्यम से पंजीकरण व आवेदन प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं। योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाना और पारंपरिक हस्तशिल्प उद्योग को आधुनिक बाजार से जोड़ना है, ताकि शहरी बाजारों तक भी इनकी पहुंच बढ़ सके।

KVIC की भूमिका और निगरानी

KVIC नियमित रूप से खादी संस्थाओं के उत्पादन, बिक्री व गुणवत्ता की निगरानी करता है, तथा हर वर्ष उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली संस्थाओं व कारीगरों को पुरस्कृत भी करता है। नई खादी विकास एवं रिफॉर्म कार्यक्रम के तहत पारंपरिक चरखे व करघे की जगह अधिक उत्पादक आधुनिक उपकरण देने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे कारीगर की प्रति दिन आय बढ़ सके। योजना के अंतर्गत मिलने वाला स्वास्थ्य बीमा कवर विशेष रूप से वृद्ध कारीगरों के लिए महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच माना जाता है।

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