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इंटरनेशनल कोऑपरेशन स्कीम: MSME को विदेशी ट्रेड फेयर में हिस्सा लेने पर सहायता

September 5, 2026 · Prashant Mankar
इंटरनेशनल कोऑपरेशन स्कीम: MSME को विदेशी ट्रेड फेयर में हिस्सा लेने पर सहायता

इंटरनेशनल कोऑपरेशन (IC) स्कीम MSME मंत्रालय की योजना है, जिसके तहत भारतीय MSME को विदेशों में आयोजित अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेलों, प्रदर्शनियों व सेमिनारों में भाग लेने के लिए वित्तीय सहायता दी जाती है, ताकि वे वैश्विक बाजार में अपनी उपस्थिति व निर्यात के अवसर बढ़ा सकें।

मुख्य लाभ

पात्रता

आवश्यक दस्तावेज

आवेदन कैसे करें

आवेदन MSME मंत्रालय के पोर्टल के माध्यम से यात्रा/प्रदर्शनी से पहले या बाद में (प्रतिपूर्ति के रूप में) प्रस्तुत किया जाता है। विस्तृत दिशा-निर्देश व फॉर्म dcmsme.gov.in पर उपलब्ध हैं।

अधिकृत स्रोत

MSME मंत्रालय, भारत सरकार – dcmsme.gov.in

अधिक जानकारी व सेवाओं के लिए संपर्क करें

इस योजना से जुड़ी अधिक जानकारी या संबंधित सेवाओं (जैसे आवेदन प्रक्रिया में सहायता, दस्तावेज तैयार करना, पात्रता जांच आदि) के लिए RINSON COMMERCE AND TRADE PRIVATE LIMITED से संपर्क करें।
फोन/मोबाइल: +91 7798186956
ईमेल: rinsonbusiness@gmail.com
वेबसाइट: rinsonbusiness.com

सहायता का दायरा और आवेदन प्रक्रिया

इस योजना के तहत पात्र MSMEs को अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेलों/प्रदर्शनियों में भाग लेने पर हवाई किराए और स्टॉल/बूथ शुल्क पर 100% तक की सहायता मिल सकती है। आवेदन के लिए वैध उद्यम रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट, PAN कार्ड, GST रजिस्ट्रेशन, बैंक खाता विवरण (कैंसल्ड चेक), कंपनी प्रोफाइल व प्रोडक्ट कैटलॉग तथा आयोजन/प्रदर्शनी की स्वीकृति संबंधी दस्तावेज आवश्यक हैं। आवेदन आयोजन से 2-3 सप्ताह पहले जमा करना होता है, सरकारी स्वीकृति सामान्यतः 15-30 कार्य दिवसों में मिलती है, और आयोजन पूरा होने के बाद प्रतिपूर्ति (रीइम्बर्समेंट) की प्रक्रिया 30-60 दिनों में पूरी होती है। यह योजना निर्माण और सेवा दोनों क्षेत्रों के उद्यमों के लिए उपलब्ध है, तथा नई स्टार्टअप कंपनियां भी उद्यम रजिस्ट्रेशन की शर्त पूरी करने पर आवेदन कर सकती हैं। समय पर आवेदन जमा न करने से अनुमोदन में देरी या अस्वीकृति हो सकती है, इसलिए विशेषज्ञों की सलाह है कि निर्यात प्रोत्साहन परिषदों या MSME-DI से पहले ही संपर्क कर लें।

किन आयोजनों के लिए मिलती है सहायता

यह सहायता मुख्यतः विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT), भारतीय व्यापार प्रोत्साहन संगठन (ITPO) या मान्यता प्राप्त निर्यात प्रोत्साहन परिषदों द्वारा आयोजित या समर्थित अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनियों के लिए उपलब्ध होती है। हर वर्ष मंत्रालय एक सूची जारी करता है जिसमें बताया जाता है कि किन देशों व किन व्यापार मेलों के लिए इस वर्ष सहायता उपलब्ध रहेगी। MSMEs को सलाह दी जाती है कि वे अपनी उत्पाद श्रेणी से संबंधित निर्यात प्रोत्साहन परिषद में सदस्यता लें, क्योंकि इससे न केवल आयोजनों की जानकारी समय पर मिलती है बल्कि आवेदन प्रक्रिया में भी सहायता मिलती है।

इंटरनेशनल कोऑपरेशन स्कीम का लाभ

यह योजना MSME मंत्रालय द्वारा भारतीय सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्यमों को अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेलों, प्रदर्शनियों और खरीदार-विक्रेता बैठकों (buyer-seller meets) में भाग लेने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करती है। इसमें हवाई किराया, स्टॉल किराया और अन्य संबंधित खर्चों पर सब्सिडी दी जाती है।

निर्यात संवर्धन में भूमिका

अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रत्यक्ष भागीदारी से MSME उद्यमियों को वैश्विक बाजार की मांग, गुणवत्ता मानकों और प्रतिस्पर्धियों की जानकारी प्रत्यक्ष रूप से मिलती है, जो केवल ऑनलाइन शोध से संभव नहीं होती। इस योजना के माध्यम से हजारों छोटे निर्यातकों को अपने उत्पाद वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित करने और नए अंतरराष्ट्रीय ग्राहक हासिल करने का अवसर मिल चुका है।

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