असिस्टेंस टू ट्रेनिंग इंस्टीट्यूशंस (ATI) स्कीम: ट्रेनिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए ₹3 करोड़ तक अनुदान
असिस्टेंस टू ट्रेनिंग इंस्टीट्यूशंस (ATI) स्कीम MSME मंत्रालय की केंद्रीय क्षेत्र योजना है, जिसके तहत उद्यमिता विकास संस्थानों (EDI) व अन्य प्रशिक्षण संस्थानों को मूलभूत ढांचा मजबूत करने और अधिक क्षमता से प्रशिक्षण देने के लिए वित्तीय सहायता दी जाती है।
मुख्य लाभ
- नए राष्ट्रीय/राज्य स्तरीय उद्यमिता विकास संस्थान (EDI) की स्थापना के लिए भवन-निर्माण व उपकरण हेतु अनुदान, अधिकतम ₹3 करोड़ तक
- मौजूदा प्रशिक्षण संस्थानों के अवसंरचना उन्नयन (क्लासरूम, हॉस्टल, प्रशिक्षण उपकरण) के लिए सहायता
- संकाय विकास (Faculty Development) कार्यक्रमों के लिए अनुदान
- उद्यमिता व कौशल विकास से जुड़े पाठ्यक्रम सामग्री तैयार करने में सहयोग
पात्रता
- राज्य सरकार द्वारा संचालित या राज्य सरकार से मान्यता प्राप्त उद्यमिता विकास संस्थान/प्रशिक्षण संस्थान
- न्यूनतम बुनियादी ढांचा व संकाय क्षमता का प्रमाण देना आवश्यक
- प्रस्तावित विस्तार/स्थापना योजना का विस्तृत प्रस्ताव प्रस्तुत करना
आवेदन कैसे करें
संबंधित राज्य सरकार या प्रशिक्षण संस्थान अपने प्रस्ताव के साथ MSME मंत्रालय के विकास आयुक्त (DC-MSME) कार्यालय या संबंधित MSME-DI को आवेदन प्रस्तुत करता है। प्रस्ताव की जांच के बाद मंत्रालय स्तर पर स्वीकृति दी जाती है।
अधिकृत स्रोत
MSME मंत्रालय, भारत सरकार – dcmsme.gov.in
अधिक जानकारी व सेवाओं के लिए संपर्क करें
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अनुदान का उपयोग और पात्र संस्थान
ATI योजना के तहत मिलने वाला अनुदान प्रशिक्षण अवसंरचना और उपकरणों को उन्नत करने, आधुनिक क्लासरूम व वर्कशॉप विकसित करने, प्रशिक्षण उपकरण, मशीनरी व सॉफ्टवेयर खरीदने, फैकल्टी विकास व ट्रेनर प्रशिक्षण के लिए तथा उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप नए स्किल डेवलपमेंट कोर्स शुरू करने के लिए दिया जाता है। इस योजना का लाभ सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI), निजी वोकेशनल ट्रेनिंग सेंटर, कौशल प्रशिक्षण में सक्रिय NGO, तकनीकी व व्यावसायिक शिक्षा संस्थान तथा एंटरप्रेन्योरशिप स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम (ESDP) चलाने वाले संगठन उठा सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया में संस्थागत पात्रता की पुष्टि, विस्तृत प्रोजेक्ट प्रस्ताव तैयार करना, सरकारी पोर्टल के माध्यम से आवेदन जमा करना, वित्तीय दस्तावेज व मान्यता प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना तथा प्राधिकरण द्वारा मूल्यांकन शामिल है। स्वीकृति के बाद अनुदान की राशि संबंधित संस्थान को चरणबद्ध रूप से जारी की जाती है, जिससे संस्थान अपनी प्रशिक्षण गुणवत्ता को उद्योग के वर्तमान मानकों के अनुरूप बना सकें।
ATI और अन्य योजनाओं का संबंध
ATI योजना अक्सर उन्हीं संस्थानों को सहायता देती है जो ESDP जैसे कार्यक्रम चलाते हैं, जिससे प्रशिक्षण की गुणवत्ता व मात्रा दोनों में सुधार होता है। किसी संस्थान को अनुदान मिलने के बाद उसे नियमित रूप से प्रगति रिपोर्ट व वित्तीय उपयोगिता प्रमाणपत्र (Utilization Certificate) मंत्रालय को जमा करना होता है, अन्यथा भविष्य की किश्तें रुक सकती हैं। यह योजना विशेष रूप से उन ग्रामीण व अर्ध-शहरी क्षेत्रों के संस्थानों के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है जहां निजी निवेश से आधुनिक प्रशिक्षण उपकरण जुटाना कठिन होता है।
ATI योजना का उद्देश्य
असिस्टेंस टू ट्रेनिंग इंस्टीट्यूशंस (ATI) योजना MSME मंत्रालय द्वारा उन संस्थानों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए चलाई जा रही है, जो उद्यमिता विकास और कौशल प्रशिक्षण से जुड़े कार्यक्रम चलाते हैं। इस योजना के तहत प्रशिक्षण अवसंरचना विकसित करने के लिए ₹3 करोड़ तक का अनुदान दिया जाता है।
किसे मिलता है लाभ?
सरकारी और गैर-सरकारी उद्यमिता विकास संस्थान, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI) और अन्य मान्यता प्राप्त प्रशिक्षण केंद्र इस योजना के तहत भवन निर्माण, आधुनिक उपकरण खरीद और प्रशिक्षक क्षमता निर्माण के लिए अनुदान हेतु आवेदन कर सकते हैं। इससे देशभर में गुणवत्तापूर्ण उद्यमिता प्रशिक्षण की उपलब्धता बढ़ेगी, जिसका सीधा लाभ नए उद्यमी बनने के इच्छुक युवाओं को मिलेगा।


